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पाकिस्तान के F-16 को गिराने वाले अभिनंदन ने छोड़ी वायुसेना, ज्वाइन की प्राइवेट एयरलाइन

द इंडियन व्यू टीम
नई दिल्ली

भारतीय वायुसेना (IAF) के उस जांबाज पायलट और वीर चक्र विजेता की पेशेवर ज़िंदगी में एक नया और रोमांचक अध्याय जुड़ गया है, जिसने साल 2019 में अपने अदम्य साहस से पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया था। मीडिया रिपोर्टों और रक्षा सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है कि पूर्व वायुसेना ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान (Abhinandan Varthaman) ने भारतीय वायुसेना से समय पूर्व सेवानिवृत्ति (premature retirement) ले ली है और अब वे व्यावसायिक विमानन (Commercial Aviation) क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने गोवा स्थित एक क्षेत्रीय प्राइवेट एयरलाइन ‘FLY91’ को एक पायलट के रूप में ज्वाइन किया है।

अभिनंदन वर्तमान का नाम भारतीय सैन्य इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो चुका है। फरवरी 2019 में जब भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट (Balakot) में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी, उसके अगले ही दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार करने का दुस्साहस किया था। उस समय श्रीनगर स्थित 51वीं स्क्वाड्रन में तैनात तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने पुराने मिग-21 बाइसन (MiG-21 Bison) लड़ाकू विमान से उड़ान भरी और एक बेहद रोमांचक ‘डॉगफाइट’ (हवाई युद्ध) में पाकिस्तान के अत्याधुनिक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था।

इस हवाई संघर्ष में उनका अपना विमान भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद उन्हें इजेक्ट करना पड़ा और वे पाकिस्तान के कब्ज़े वाले क्षेत्र में जा गिरे। पाकिस्तानी सेना द्वारा बंदी बनाए जाने के बावजूद जिस निडरता और सम्मान के साथ उन्होंने पूछताछ का सामना किया, उसने उन्हें भारत का राष्ट्रीय हीरो बना दिया। भारी कूटनीतिक और राजनीतिक दबाव के बाद पाकिस्तान को महज़ तीन दिनों के भीतर उन्हें सुरक्षित भारत को सौंपना पड़ा था। उनके इस अदम्य साहस के लिए साल 2021 में उन्हें भारत के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ (Vir Chakra) से सम्मानित किया गया और बाद में उन्हें ‘ग्रुप कैप्टन’ के पद पर पदोन्नत किया गया।

सूत्रों के अनुसार, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने इस साल 31 मार्च को भारतीय वायुसेना की अपनी शानदार सेवा से विदा ले ली थी। एक सैन्य पायलट के लिए व्यावसायिक एयरलाइंस में शिफ्ट होना एक जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए उन्हें पहले रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) और वायुसेना मुख्यालय से आवश्यक ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (No Objection Certificate – NOC) प्राप्त करना होता है। इसके अलावा, सैन्य पायलटों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा निर्धारित नागरिक उड्डयन नियमों का भी पालन करना पड़ता है और अपनी सैन्य उड़ान साख (military flying credentials) को नागरिक विमानन मानकों में परिवर्तित (convert) करना पड़ता है। इन सभी औपचारिकताओं और प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही उन्होंने अगस्त महीने में FLY91 एयरलाइन में अपनी सेवाएं शुरू की हैं।

भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पूर्व सैन्य पायलटों की हमेशा से भारी मांग रही है। इसका मुख्य कारण उनका व्यापक उड़ान अनुभव, कठोर सैन्य प्रशिक्षण, अटूट अनुशासन और आपातकालीन व कठिन परिस्थितियों में विमान को नियंत्रित करने की उनकी असाधारण क्षमता है। FLY91 एक तेजी से उभरती हुई क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने हाल ही में अपने बेड़े के विस्तार के लिए 40 ATR-72 विमानों का ऑर्डर दिया है। अब यह जांबाज फाइटर पायलट, जिसने कभी ध्वनि की गति से तेज़ लड़ाकू विमानों से दुश्मन के छक्के छुड़ाए थे, जल्द ही भारतीय आसमान में आम यात्रियों को उनकी मंज़िल तक सुरक्षित पहुंचाता हुआ नज़र आएगा।