जम्मू-कश्मीर में कबूतर के पैर में पाकिस्तानी नंबर वाली रिंग मिलने से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

जम्मू-कश्मीर। अरनिया सेक्टर के मोलू चक इलाके में पाकिस्तानी मोबाइल नंबर वाली रिंग पहने दो संदिग्ध कबूतर मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एक कबूतर के पैर में मिली रिंग पर दो पाकिस्तानी मोबाइल नंबर दर्ज थे। मामले में सुरक्षा एजेंसियां जासूसी, बॉर्डर पार मैसेजिंग और अन्य संभावित पहलुओं से जांच कर रही हैं।जानकारी के मुताबिक, मोलू चक के एक स्थानीय निवासी ने अपनी छत पर दो अज्ञात कबूतर देखे। इसके बाद उसने तुरंत संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना दी। जांच के दौरान एक कबूतर के पैर में रिंग मिली, जिस पर 0327-5613257 और 0325-4226312 नंबर दर्ज थे। दोनों नंबर Jazz/Moblink नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों कबूतर कहां से आए, उनके पैरों में पाकिस्तानी नंबर वाली रिंग कैसे पहुंची और इसे लगाने के पीछे क्या उद्देश्य था।सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांचपुलिस के मुताबिक, इस बात का सत्यापन किया जा रहा है कि क्या इस पक्षी का इस्तेमाल बॉर्डर पार मैसेजिंग के लिए किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।इस बरामदगी के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कठुआ, खासकर अरनिया सेक्टर, पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।वहीं, हीरानगर में भी पहले इसी तरह का मामला सामने आ चुका है। हीरानगर और सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे करीब 50 किलोमीटर के क्षेत्र में घनी सरकंडा (हाथी घास), नाले और छोटी नदियां हैं, जो घुसपैठियों को छिपने में मदद कर सकती हैं।घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील है इलाकापिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने इस इलाके में घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम किया है। कठुआ, बसंतगढ़ और बिलावर में हुए कुछ आतंकी हमलों का संबंध उन आतंकवादियों से रहा है, जिन्होंने इसी बॉर्डर रूट से घुसपैठ की थी।जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के नजदीक होने के कारण भी यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।पहले भी मिल चुके हैं संदिग्ध कबूतरयह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सीमा पार से आए संदिग्ध कबूतर मिले हैं। इससे पहले BSF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तानी स्टैंप, कोडेड मैसेज और तार जैसे एंटीना वाली रिंग से जुड़े कबूतर भी बरामद किए हैं।2020 में हीरानगर के मनयारी गांव में पाकिस्तानी नंबर वाली अंगूठी पहने एक कबूतर पकड़ा गया था। वहीं, 2016 और 2018 में RS पुरा और अखनूर सेक्टर में भी इसी तरह के मामलों में पक्षी बरामद किए गए थे।जासूसी और तस्करी समेत कई एंगल से जांचसुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन पक्षियों का इस्तेमाल जासूसी, नशीले पदार्थों की तस्करी या सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया प्रणाली को परखने के लिए तो नहीं किया जा रहा था।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पक्षी को निगरानी में रखा गया है और सभी संबंधित एजेंसियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है।