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72 घंटे का अल्टीमेटम! दिल्ली पुलिस झुकी, ‘स्वतंत्र’ की गिरफ्तारी तय; सांसद चंद्रशेखर की हुंकार- ‘निशु को हर हाल में मिले इंसाफ’

सरिता त्रिपाठी
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली का हाई-सिक्योरिटी इलाका संसद मार्ग (Parliament Street) उस वक्त नारों से गूंज उठा, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ताओं ने ‘निशु’ को न्याय दिलाने के लिए विशाल विरोध प्रदर्शन किया। भारी हंगामे और लगातार बढ़ते दबाव के बीच दिल्ली पुलिस को आखिरकार प्रदर्शनकारियों की मांग के आगे झुकना ही पड़ा। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर आश्वासन दिया है कि मुख्य आरोपी ‘स्वतंत्र’ को अगले 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले में सांसद चंद्रशेखर ने भी हुंकार भरते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक निशु को न्याय नहीं मिल जाता, यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।

संसद मार्ग पर CJP का शक्ति प्रदर्शन: पुलिस प्रशासन बैकफुट पर!
निशु के लिए न्याय की मांग अब सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। CJP के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं और कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप था कि पुलिस और प्रशासन दबाव में आकर मुख्य आरोपी स्वतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। जनाक्रोश इतना उग्र था कि पुलिस के बैरिकेड्स भी छोटे पड़ने लगे। हालात को बेकाबू होता देख दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों को मौके पर आना पड़ा और लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने 72 घंटे का अल्टीमेटम स्वीकार कर लिया।

‘सत्ता के नशे में किसी को बचा नहीं सकते’: चंद्रशेखर की खुली चेतावनी
इस प्रदर्शन को उस वक्त और बड़ी राजनीतिक धार मिल गई, जब मुखर नेता और सांसद चंद्रशेखर ने सीधे तौर पर पुलिस-प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कड़े शब्दों में कहा, “निशु के साथ जो ज्यादती हुई है, उसे इस देश का युवा कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। कानून सबके लिए बराबर है। अगर 72 घंटे के भीतर स्वतंत्र सलाखों के पीछे नहीं हुआ, तो यह आंदोलन दिल्ली की सड़कों से निकलकर पूरे देश में फैल जाएगा।”

गिरफ्तारी नहीं तो दिल्ली जाम? अल्टीमेटम के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप
दिल्ली पुलिस के लिखित आश्वासन के बाद CJP ने अपना धरना फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी चेतावनी भी दी है कि अगर तय डेडलाइन में कार्रवाई नहीं हुई, तो दिल्ली का चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस अल्टीमेटम ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने स्वतंत्र की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए कई स्पेशल टीमें गठित कर दी हैं और उसके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई है।

निष्कर्ष
निशु को न्याय दिलाने की यह मुहिम अब एक निर्णायक और रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। अब पूरे देश की निगाहें दिल्ली पुलिस की घड़ी पर टिकी हैं कि क्या वादे के मुताबिक अगले 72 घंटों में वह मुख्य आरोपी को हथकड़ियां पहना पाएगी या फिर दिल्ली को एक और बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।