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दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 5 मंजिला इमारत गिरने से 7 की मौत, एलजी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग; मालिक की तलाश में पुलिस की 10 टीमें गठित

New Delhi : दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में डीयू साऊथ कैंपस के पास एक पुरानी पांच मंजिला इमारत के ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और फरार चल रहे मकान मालिक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।एलजी और मुख्यमंत्री की हाई-लेवल बैठकइस भीषण हादसे के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने इस घटना को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहेंगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में डीडीए, एमसीडी और दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होकर शहर की जर्जर और खतरनाक इमारतों को लेकर कड़े फैसले ले सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि इस हादसे में जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।मकान मालिक पर लुकआउट नोटिस और पुलिस की 10 टीमें तैनातहादसे के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग के कथित मालिक हरिराम बंसल और उसके सहयोगियों पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। उसकी धरपकड़ के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी हेतु 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिनका नेतृत्व एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली उच्च न्यायालय में इस पूरे मामले को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है, जिस पर अदालत जल्द सुनवाई करेगी।एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन और बेसमेंट में निर्माण कार्य बना वजहप्रारंभिक जांच और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसके बेसमेंट में कुछ अनधिकृत निर्माण या खुदाई का कार्य चल रहा था, जिसके कारण ढांचे की नींव कमजोर हुई और यह हादसा हुआ। एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार जुटी हुई हैं। प्रशासन ने आसपास की अन्य खतरनाक इमारतों को भी एहतियातन खाली करवा लिया है और यह चेतावनी दी है कि बिना नक्शे या नियमों के खिलाफ बनने वाली अवैध इमारतों पर तुरंत सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।