टीम इंडिया के दरवाजे पर टैलेंट की दस्तक! धवन ने बताया चयन में किस्मत और प्रदर्शन का खेल

भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। जिला, राज्य और घरेलू स्तर पर बड़ी संख्या में क्रिकेटर खेलते हैं और लगभग हर खिलाड़ी का सपना टीम इंडिया की जर्सी पहनना होता है। हालांकि, इनमें से चुनिंदा खिलाड़ियों की ही किस्मत चमक पाती है। कई क्रिकेटर प्रदर्शन और फिटनेस के तमाम मानकों पर खरे उतरने के बावजूद भारतीय स्क्वॉड में जगह नहीं बना पाते।

जम्मू-कश्मीर से अब तक सिर्फ तीन क्रिकेटर- परवेज रसूल, उमरान मलिक और आकिब नबी- राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सके हैं। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को कम मौके मिलने और उनके साथ भेदभाव के सवाल पर भारत के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने साफ कहा है कि चयन में क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। हालांकि, उन्होंने माना कि इस पूरी प्रक्रिया में किस्मत की भी भूमिका हो सकती है।

दरअसल, श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धवन से पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है, क्योंकि उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिलते? इस पर पूर्व भारतीय ओपनर ने साफ शब्दों में कहा, ”नहीं, निश्चित रूप से कोई भेदभाव नहीं होता।”

साभार : गूगल

धवन ने कहा, ”अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दुनिया में कोई भी आपको बाहर नहीं रख सकता। आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है। कभी-कभी किस्मत भी भूमिका निभाती है। यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का, आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां कोई खिलाड़ी मौके का हकदार था लेकिन उसे मौका नहीं मिला और उसकी जगह किसी और को चुन लिया गया। यह खेल का ही एक हिस्सा है।”

धवन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटरों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता लगातार चर्चा में है। प्रेस कॉन्फ्रेंस ‘प्रो स्टार क्रिकेट लीग’ के दूसरे सीजन की शुरुआत की घोषणा के लिए बुलाई गई थी। यह टूर्नामेंट अगले साल मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा। इसकी शुरुआत श्रीनगर से होगी, जबकि फाइनल देहरादून में खेला जाएगा।

धवन को जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल के साथ लीग का ‘आइकॉनिक खिलाड़ी’ घोषित किया गया है। रसूल ने 2014 में भारत के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने टीम इंडिया के लिए एक वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला।

भारत और आईपीएल में खेल चुके परवेज रसूल और तेज गेंदबाज उमरान मलिक का जिक्र करते हुए धवन ने कहा कि इन खिलाड़ियों को एक शानदार मंच मिला। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सबसे अहम चीज यह है कि खिलाड़ी जिस स्तर पर खेल रहे हैं, वहां लगातार अच्छा प्रदर्शन करें। उमरान ने 2023 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने भारत की ओर से 10 वनडे और 8 टी-20 मैच खेले हैं।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ‘प्रो स्टार क्रिकेट लीग’ के कमिश्नर हैं। उन्होंने भी माना कि खिलाड़ियों के चयन में किस्मत की भूमिका होती है, लेकिन साथ ही भारतीय क्रिकेट में मौजूद कड़े कॉम्पिटिशन की ओर भी ध्यान दिलाया।

चोपड़ा ने कहा, ”किस्मत का रोल होता है लेकिन आपके कंट्रोल में सिर्फ यही है कि आप कड़ी मेहनत करते रहें और लगातार अच्छा परफॉर्म करते रहें। भारतीय क्रिकेट अभी ऐसे मोड़ पर है जहां अगर आपके पास वाकई टैलेंट है तो यह आपको एक स्टेज देगा।” उन्होंने आगे कहा, ”अगर राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए नहीं तो इंडियन प्रीमियर लीग वो प्लेटफॉर्म देगा। फिर आप रणजी ट्रॉफी खेलते हैं, आप दलीप ट्रॉफी खेलते हैं। बहुत सारा क्रिकेट हो रहा है।”

चोपड़ा ने तेज गेंदबाज आकिब नबी का भी जिक्र किया, जो आईपीएल में खेल चुके हैं और राष्ट्रीय टीम के लिए भी चुने गए। नबी के बारे में उन्होंने कहा, ”न्यूजीलैंड का दौरा नजदीक आ रहा है। वह एक अच्छा खिलाड़ी है और अच्छा करेगा।” आकिब नबी को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया था, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला।