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दुर्गा पूजा विज्ञापन विवाद: पश्चिम बंगाल सरकार के विज्ञापन में मां दुर्गा की 11 भुजाएं छपने पर बवाल, सीएम ने मांगी माफी

राघवेंद्र प्रताप सिंह
कोलकाता

पश्चिम बंगाल में ‘दुर्गा पूजा’ केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह वहां की संस्कृति, अस्मिता और बंगाली जनमानस की आत्मा का प्रतीक है। इस पावन अवसर से जुड़ी किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही राज्य में एक बड़े सांस्कृतिक और राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकती है। ऐसा ही एक भारी विवाद हाल ही में तब खड़ा हो गया जब पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक विज्ञापन में मां दुर्गा को गलत तरीके से चित्रित कर दिया गया। इस विज्ञापन में मां दुर्गा को उनकी पारंपरिक 10 भुजाओं (हाथों) के बजाय 11 भुजाओं के साथ दर्शाया गया था (depicts Durga with 11 hands instead of 10)। इस भारी चूक के बाद मुख्यमंत्री (CM) को सार्वजनिक रूप से माफी (apologises) मांगनी पड़ी है।

हिंदू धर्मग्रंथों और बंगाली परंपराओं के अनुसार, देवी दुर्गा को ‘दशभुजा’ (दस हाथों वाली) कहा जाता है। उनके दस हाथ ब्रह्मांड की दस दिशाओं (आठ दिशाएं और ऊपर-नीचे) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो यह दर्शाता है कि देवी हर दिशा से अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और बुराई का नाश करती हैं। ऐसे गहरे धार्मिक और प्रतीकात्मक अर्थ वाले स्वरूप में ’11 हाथों’ का चित्रण करना न केवल धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है, बल्कि यह सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग (I&PR) की घोर लापरवाही और अज्ञानता को भी उजागर करता है।

जैसे ही यह विज्ञापन विभिन्न समाचार पत्रों और सार्वजनिक मंचों पर प्रकाशित हुआ, वैसे ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। विपक्षी दलों और धार्मिक संगठनों ने राज्य सरकार पर हिंदू भावनाओं को आहत करने और दुर्गा पूजा जैसे पवित्र उत्सव का मज़ाक उड़ाने का कड़ा आरोप लगाया। बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक दबाव को देखते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को तुरंत इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना पड़ा और डैमेज कंट्रोल की कोशिश की गई।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री (CM of West Bengal) शुभेंदु अधिकारी (Mr. Adhikari) ने इस चूक की गंभीरता को समझते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “पश्चिम बंगाल के सीएम के रूप में, मैं इस त्रुटि के लिए माफी मांगता हूं” (“As the CM of West Bengal, I apologise for the error)। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए यह भी जानकारी दी कि इस लापरवाही के लिए जो लोग भी ज़िम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी चेतावनी दे दी गई है (The people responsible have received a stern warning)। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का वादा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि “भविष्य में, सरकार सावधान रहेगी” (In the future, the Government will be careful)।

सरकारी विज्ञापनों में इस तरह की ‘ग्राफिक डिज़ाइन’ या ‘आर्टवर्क’ की गलतियां अक्सर तब होती हैं जब डिज़ाइनर बिना किसी सांस्कृतिक शोध के इंटरनेट से तस्वीरें (स्टॉक इमेजेज) उठा लेते हैं और अनुमोदन करने वाले अधिकारी उन्हें बारीकी से जांचे बिना पास कर देते हैं। लेकिन बंगाल जैसे राज्य में, जहां कला और संस्कृति के प्रति लोग बेहद संवेदनशील हैं, वहां देवी दुर्गा की प्रतिमा के साथ की गई यह ग्राफिक छेड़छाड़ भारी पड़ गई। मुख्यमंत्री की त्वरित माफी से भले ही तात्कालिक राजनीतिक उबाल कुछ शांत हो गया हो, लेकिन यह घटना सरकारी विभागों के लिए एक कड़ा सबक है कि सार्वजनिक विज्ञापनों, विशेषकर धार्मिक प्रतीकों का उपयोग करते समय अत्यधिक संवेदनशीलता और सावधानी बरती जानी चाहिए।