यूपी के लाखों छात्रों के लिए सबसे बड़ी ‘जीवनरक्षक’ पहल! डिप्रेशन और स्ट्रेस की अब ‘नो एंट्री’, हर यूनिवर्सिटी-कॉलेज में 24×7 खुलेगा ‘मेंटल हेल्थ सपोर्ट रूम’

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ/उत्तर प्रदेश: पढ़ाई का भारी दबाव, करियर की टेंशन, परीक्षाओं का खौफ और अकेलेपन से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली और ऐतिहासिक खबर है। युवाओं में तेजी से बढ़ते अवसाद (Depression) और आत्महत्या के मामलों पर गंभीर रुख अपनाते हुए यूपी सरकार और उच्च शिक्षा विभाग ने एक ‘गेम चेंजर’ फैसला लिया है। अब राज्य के सभी विश्वविद्यालयों (Universities) और महाविद्यालयों (Degree Colleges) में छात्रों के लिए विशेष रूप से ‘छात्र मानसिक स्वास्थ्य सहायता कक्ष’ (Student Mental Health Support Room) स्थापित किए जाएंगे, जहां 24×7 उन्हें मनोवैज्ञानिक मदद मिलेगी।

करियर की टेंशन या निजी उलझन? अब अकेले नहीं जूझेंगे छात्र, 24 घंटे मिलेगी मदद!
आज के इस कट-थ्रोट कॉम्पिटिशन (Cut-throat Competition) वाले दौर में छात्र अक्सर अपने मानसिक तनाव को किसी से साझा नहीं कर पाते। इस नई पहल के तहत अब हर कैंपस में एक ऐसा ‘सेफ जोन’ होगा जहां:

  • विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिकों की तैनाती: प्रशिक्षित काउंसलर और मनोवैज्ञानिक 24 घंटे छात्रों की काउंसलिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे।
  • पूरी तरह गुप्त रहेगी पहचान: जो भी छात्र मानसिक तनाव, एंग्जायटी (Anxiety) या डिप्रेशन की शिकायत लेकर आएगा, उसकी पहचान और बातचीत को पूरी तरह गोपनीय (Confidential) रखा जाएगा।
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स: किसी भी छात्र के अत्यधिक तनाव या सुसाइडल (Suicidal) प्रवृत्ति दिखने पर यह सपोर्ट सेल तुरंत ‘इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम’ की तरह काम करेगा।

शासन का सख्त अल्टीमेटम: सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए काम
शासन ने सभी कुलपतियों (VCs) और प्राचार्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हर उच्च शिक्षण संस्थान को तत्काल प्रभाव से अपने कैंपस में इस ‘मेंटल हेल्थ सपोर्ट रूम’ के लिए बजट और जगह का आवंटन करना होगा। इसके अलावा, छात्रों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि उन्हें पता हो कि मुश्किल वक्त में उन्हें कहां जाना है।

उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग का यह कदम सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए एक ‘संजीवनी’ है, जो खामोशी से मानसिक तनाव का जहर पी रहे हैं। अगर इस योजना को पूरी ईमानदारी से लागू किया गया, तो यह कैंपस में छात्रों के टूटते हौसलों को फिर से उड़ान देने का सबसे बड़ा हथियार साबित होगी।