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BSP में आंतरिक कलह ! आकाश आनंद के भविष्य पर सस्पेंस, बसपा ने दो युवा चेहरों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Lucknow : बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए जाने के बाद से ही आकाश आनंद के राजनीतिक रुख और पार्टी में उनकी अगली भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. वर्तमान में आकाश बसपा सुप्रीमो मायावती के सोशल मीडिया बयानों का समर्थन कर अपनी निष्ठा साबित करने में जुटे हैं, और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ भी BSP सुप्रीमों की नाराजगी को पाटने के लिए इसी कूटनीतिक रास्ते पर चल रहे हैं. हालांकि, पार्टी के भीतर चल रही उठापटक के बीच बसपा हाईकमान का रुख अशोक सिद्धार्थ के मुकाबले आकाश आनंद को लेकर कुछ हद तक लचीला नजर आ रहा है, जिसके चलते फिलहाल उन्हें पार्टी से बाहर करने जैसी किसी बड़ी कार्रवाई पर सहमति नहीं बन सकी है.संगठन से जिम्मेदारी वापस, पर काम से नहीं रोका गयापार्टी सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद से भले ही राष्ट्रीय संयोजक समेत तमाम आधिकारिक जिम्मेदारियां वापस ले ली गई हैं, लेकिन उन्हें जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के कार्यों से पूरी तरह अलग नहीं किया गया है. पार्टी में उनके भविष्य और वापसी को लेकर अंतिम फैसला केवल बसपा सुप्रीमो मायावती ही लेंगी. चर्चा यह भी है कि आकाश ने पार्टी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ अंदरखाने लामबंदी शुरू हो गई थी. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल की कवायद करते हुए उनके छोटे भाई ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी की अहम जिम्मेदारी सौंप दी है.चुनावी तैयारियों के बीच कलह से नुकसान की आशंकाउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी के भीतर इस पारिवारिक और आंतरिक कलह का नकारात्मक असर पड़ने की गहरी आशंका जताई जा रही है. विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी लगातार आकाश आनंद की जनसभाओं की मांग कर रहे थे, और सितंबर माह के दौरान उनका पूर्वांचल में कई बड़ी जनसभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम भी पहले ही तय हो चुका था. दूसरी ओर, आकाश के समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी की जोरदार मांग उठा रहे हैं और उनके निष्कासन या पदमुक्ति के पीछे कुछ खास पदाधिकारियों की साजिश का आरोप लगा रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि इन पदाधिकारियों ने अपने निहित स्वार्थों के लिए पार्टी नेतृत्व को गुमराह किया है.युवा चेहरों को आगे लाने की रणनीतिइस आंतरिक फेरबदल के बीच बसपा ने संगठन को धार देने के लिए दो नए युवा चेहरों पर दांव खेला है. मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन का सफल संचालन देख रहे मोहित आनंद और पिछले साल कुछ समय के लिए बाहर किए जाने के बाद पार्टी में दोबारा लौटे नितिन सिंह को नया नेशनल कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है. पार्टी का यह कदम आगामी चुनावों के मद्देनजर युवाओं को साधने और संगठन को पुनर्गठित करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.