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चीनी नागरिकों द्वारा संचालित सोने की तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़

अभिषेक सिंह
मुंबई

भारत में सोने की बढ़ती मांग और आयात शुल्क से बचने के लिए तस्कर हर दिन नए और बेहद जटिल तरीके अपना रहे हैं। लेकिन भारतीय खुफिया और सीमा शुल्क एजेंसियों की सतर्कता भी उसी स्तर पर अपग्रेड हो रही है। इसी कड़ी में, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बेहद ही चौंकाने वाले और हाई-टेक तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने चीनी नागरिकों द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यह मामला इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसमें सोने को छिपाने के लिए एक ऐसा तरीका अपनाया गया था, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। तस्करों ने सोने की खेप को फिटनेस उपकरण के भीतर बड़ी ही चालाकी से छुपाया था, लेकिन डीआरआई की पैनी नज़र से वे बच नहीं सके।

इस सफल अभियान के दौरान डीआरआई ने भारी मात्रा में बहुमूल्य धातु बरामद की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीआरआई ने ट्रेडमिल मोटर के अंदर से 1.10 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बरामद किया है। तस्करों ने मोटर के आंतरिक कलपुर्जों के बीच इस सोने को इस तरह से फिट किया था कि एक्स-रे स्कैनिंग में भी इसे आसानी से पहचाना न जा सके। यह जब्ती मुंबई में की गई है, जो भारत में सोने की तस्करी और अवैध व्यापार का एक प्रमुख ट्रांजिट हब माना जाता है। मुंबई हवाई अड्डे और बंदरगाहों पर डीआरआई की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध कार्गो और यात्रियों की निगरानी कर रही हैं। यह कार्रवाई उसी सघन निगरानी का परिणाम है, जिसने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह की कमर तोड़ दी है।

बरामद किए गए सोने की शुद्धता और मात्रा के सटीक आंकड़े भी जांच एजेंसी ने साझा किए हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने एक ट्रेडमिल मोटर के अंदर छिपाकर रखा गया 692 ग्राम 24 कैरेट का सोना ज़ब्त किया है। यह सोना पूरी तरह से शुद्ध रूप में था और इसे भारतीय बाज़ार में खपाने की पूरी तैयारी थी। इस सिंडिकेट की कार्यप्रणाली बेहद संगठित थी और यह गिरोह 3 सितंबर, 2026 और 6 सितंबर, 2026 के बीच पूरी तरह से सक्रिय था और इसी दौरान इस नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। इस छोटी सी अवधि में ही उन्होंने एक बड़ी खेप को सफलतापूर्वक देश के भीतर लाने का प्रयास किया था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।

इस मामले की सबसे बड़ी खासियत सोने को छिपाने की ‘मोडस ऑपरेंडी’ (कार्यप्रणाली) है। डीआरआई के एक सूत्र ने स्पष्ट किया कि एजेंसी द्वारा पकड़ा गया यह पहला ऐसा मामला था जिसमें सोने को ट्रेडमिल के अंदर छिपाया गया था। आमतौर पर तस्कर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कपड़ों की लाइनिंग या शरीर के अंगों में सोना छिपाते हैं, लेकिन एक भारी-भरकम व्यायाम उपकरण की मोटर को इस काम के लिए चुनना उनकी नई रणनीति का हिस्सा था। डीआरआई अब इस मामले से जुड़े चीनी नागरिकों के पूरे नेटवर्क और भारत में उनके स्थानीय संपर्कों (रिसीवर्स) की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।