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साल के अंत तक होगा भारत-कनाडा व्यापार समझौता: कनाडाई उच्चायुक्त कूटर का बड़ा बयान

दिसंबर में पीएम मोदी की प्रस्तावित कनाडा यात्रा के दौरान CEPA पर मुहर लगने की पूरी उम्मीद

अभिषेक सिंह नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों और व्यापारिक साझेदारी को लेकर एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही कूटनीतिक और व्यापारिक वार्ताओं के अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंचने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। कनाडाई उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने इस बात की पुष्टि की है कि इस साल के अंत तक भारत और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा (trade deal by the end of the year)। यह घोषणा दोनों देशों के निवेशकों, निर्यातकों और व्यावसायिक समुदायों के लिए एक बहुत बड़ी राहत और सुनहरा अवसर लेकर आई है।

यह महत्वपूर्ण बयान एक प्रतिष्ठित मीडिया कार्यक्रम के दौरान दिया गया। बुधवार, 10 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में “द हिंदू माइंड सीरीज़” (The Hindu MIND Series) के एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में ‘द हिंदू माइंड’ (The Hindu Mind) मंच पर बोलते हुए कनाडाई उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर (Canadian High Commissioner Christopher Cooter) ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य का खाका दुनिया के सामने पेश किया। इस कार्यक्रम में उनके साथ कूटनीतिक मामलों की अनुभवी संपादक सुहासिनी हैदर (Diplomatic Affairs Editor Suhasini Haidar) भी मौजूद थीं, जिन्होंने उनसे कई अहम और समसामयिक सवाल पूछे।

उच्चायुक्त कूटर के बयानों में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात भारत के प्रधानमंत्री की आगामी विदेश यात्रा से जुड़ी थी। उच्चायुक्त ने आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में कनाडा की यात्रा प्रस्तावित है (Prime Minister Narendra Modi’s planned visit to Canada in December)। प्रधानमंत्री का यह दौरा अपने आप में एक बहुत बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम होगा। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच कुछ राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव देखने को मिले थे, लेकिन यह नया घटनाक्रम साबित करता है कि दोनों देश अपने आपसी आर्थिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं और एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं।

व्यापारिक मोर्चे पर दोनों देशों की सबसे बड़ी उम्मीद ‘व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते’ (Comprehensive Economic Partnership Agreement – CEPA) को लेकर टिकी हुई है। उच्चायुक्त कूटर ने स्पष्ट किया है कि यह ऐतिहासिक समझौता प्रधानमंत्री की यात्रा के समय तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा (Comprehensive Economic Partnership Agreement will be ready in time for that visit)। CEPA के लागू होने से दोनों देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश का प्रवाह बहुत सुगम और सस्ता हो जाएगा। भारत से कपड़ा, कृषि उत्पाद, आईटी सेवाएं और फार्मास्युटिकल उत्पादों को कनाडाई बाज़ार में शुल्क मुक्त या कम शुल्क पर पहुंच मिलेगी। वहीं, कनाडा को भारत के विशाल और तेज़ी से बढ़ते उपभोक्ता बाज़ार में अपने कृषि, ऊर्जा और तकनीकी उत्पादों को बेचने का शानदार अवसर मिलेगा।

भारत और कनाडा दोनों ही लोकतांत्रिक देश हैं और दोनों के बीच लोगों का गहरा संपर्क (People-to-people contact) रहा है। कनाडा में रहने वाला एक बहुत बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय (Diaspora) दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में अहम योगदान देता है। ऐसे में, साल के अंत तक इस व्यापक व्यापार समझौते का संपन्न होना और प्रधानमंत्री मोदी का कनाडा दौरा, न केवल आर्थिक बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी एक मील का पत्थर साबित होगा। यह मुक्त व्यापार समझौता अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली में भारत की बढ़ती भूमिका और एक विश्वसनीय व्यापारिक भागीदार के रूप में इसकी छवि को और अधिक मज़बूत करेगा।