बिहार के सत्तू से लेकर कोरापुट की कॉफी तक: ब्रिक्स मीडिया किट में दिखा भारत की क्षेत्रीय विविधता का अद्भुत रंग

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को कवर करने वाले अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को मिला खास तोहफा, स्थानीय उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान
सरिता त्रिपाठी/ नई दिल्ली: जब भी भारत किसी बड़े और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेज़बानी करता है, तो वह न केवल अपनी बढ़ती कूटनीतिक शक्ति का प्रदर्शन करता है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता को भी दुनिया के सामने बड़े गर्व के साथ पेश करता है। नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के दौरान भी कुछ ऐसा ही अद्भुत और सराहनीय नज़ारा देखने को मिल रहा है। इस बार भारत सरकार ने अपनी ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) और ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) पहल का शानदार इस्तेमाल करते हुए विदेशी और स्वदेशी पत्रकारों को एक ऐसा खास तोहफा दिया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजनों और बैठकों को कवर करने के लिए दुनिया भर से नई दिल्ली पहुंचे पत्रकारों को एक विशेष रूप से तैयार की गई मीडिया किट (media kit given to journalists covering the BRICS Summit in New Delhi) प्रदान की गई है। यह किट महज़ कुछ प्रेस रिलीज़, ब्रोशर या डायरी-पेन का सामान्य संग्रह नहीं है, बल्कि यह भारत के अलग-अलग राज्यों के अनूठे जायके और विशिष्ट उत्पादों का एक जीता-जागता खजाना है। 11 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक वीडियो रिपोर्ट में यह प्रमुखता से दिखाया गया है कि आखिर इस खास ब्रिक्स मीडिया किट के अंदर क्या-क्या शामिल किया गया है (What’s inside the BRICS media kit?)।
इस बेहद आकर्षक और विचारशील किट में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाले स्थानीय उत्पादों में बिहार का पारंपरिक सत्तू (Bihar’s traditional sattu) और ओडिशा के कोरापुट की मशहूर कॉफी (Koraput’s renowned coffee) शामिल हैं। सत्तू, जो कि मुख्य रूप से भुने हुए चने का आटा होता है, अपनी ठंडक पहुंचाने वाली तासीर, सुपाच्य गुण और उच्च पोषण मूल्य के लिए जाना जाता है। इसे अब एक बेहतरीन ‘सुपरफूड’ के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रचारित किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर कोरापुट की कॉफी अपनी खास सुगंध और बेहतरीन स्वाद के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में तेज़ी से अपनी एक अलग पहचान बना रही है। इन ज़मीनी उत्पादों को मीडिया किट का हिस्सा बनाकर भारत सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह देश के हर कोने के उत्पादों को दुनिया के सामने लाना चाहती है।
यह विशेष ब्रिक्स मीडिया किट भारत के विविध क्षेत्रीय स्वादों और स्थानीय उत्पादों को बेहद प्रमुखता से उजागर करती है (highlights India’s diverse regional flavours and local products)। इस शानदार पहल का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से भारत के कुटीर उद्योगों, आदिवासी किसानों और छोटे उद्यमियों के उत्पादों को ‘ग्लोबल ब्रांड’ बनाना है। यह भारत सरकार की ‘एक ज़िला, एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी पहलों का ही एक अंतरराष्ट्रीय विस्तार प्रतीत होता है।
जब विदेशी पत्रकार इस आयोजन के बाद अपने देशों में वापस लौटेंगे, तो वे न केवल भारत की कूटनीतिक सफलताओं की खबरें साथ ले जाएंगे, बल्कि भारत की मिट्टी से जुड़े इन शानदार उत्पादों की महक भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाएंगे। इस प्रकार की ‘सांस्कृतिक कूटनीति’ (Cultural Diplomacy) हाल के वर्षों में भारत की विदेश नीति का एक बेहद अहम और सफल हिस्सा बन गई है। यह मीडिया किट निश्चित रूप से दुनिया भर के पत्रकारों के लिए एक यादगार और स्वादिष्ट स्मृति चिह्न साबित होगी।