आईआरसीटीसी की दलालों पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: तीन करोड़ से अधिक यूजर आईडी निष्क्रिय, 6.33 करोड़ निलंबित

फर्जी आईडी से बल्क बुकिंग कर टिकटों की कालाबाज़ारी करने वाले एजेंटों पर नकेल; 7 सितंबर को बुक हुए रिकॉर्ड 20 लाख टिकट
अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाने और आम यात्रियों को दलालों के चंगुल से बचाने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त डिजिटल कार्रवाई को अंजाम दिया है। त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में कन्फर्म ट्रेन टिकट पाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, और इस मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध एजेंट एक बड़ा सिंडिकेट चला रहे थे। इस सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) ने तीन करोड़ से अधिक यूजर आईडी को निष्क्रिय (deactivates over three crore user IDs) कर दिया है, और इसके साथ ही 6.33 करोड़ अन्य संदिग्ध आईडी को निलंबित (suspends 6.33 crore IDs) कर दिया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रेलवे के ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर किस कदर फर्जी खातों का जाल बिछा हुआ था।
इस व्यापक कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजह उस अवैध कार्यप्रणाली का भंडाफोड़ करना है जिसके ज़रिए कुछ मिनटों के भीतर ही पूरी ट्रेन की सीटें बुक हो जाती थीं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एजेंट फर्जी यूजर आईडी के जरिए थोक में बुकिंग (making bulk bookings through fake user IDs) करके सिस्टम का दुरुपयोग (misuse the system) करते हैं। ये दलाल विशेष सॉफ्टवेयर और स्क्रिप्ट्स का उपयोग करके ‘तत्काल’ और सामान्य कोटे के टिकटों को तेज़ी से अपने कब्ज़े में कर लेते थे, जिससे एक आम उपयोगकर्ता टिकट बुक करने से वंचित रह जाता था। इसके बाद, ये एजेंट उन आरक्षित टिकटों को हताश यात्रियों (desperate passengers) को अत्यधिक और मनमाने दामों पर बेचते हैं (sell tickets at inflated rates)। यह पूरी प्रक्रिया न केवल रेलवे के नियमों का घोर उल्लंघन है, बल्कि यह आम नागरिकों की जेब पर भी भारी डाका है।
आईआरसीटीसी का डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत के सबसे व्यस्त और अधिक लोड सहने वाले ई-कॉमर्स पोर्टल्स में से एक है। इसकी क्षमता का अंदाज़ा हाल ही में सामने आए एक अभूतपूर्व आंकड़े से लगाया जा सकता है। मैत्रि पोरेचा (Maitri Porecha) द्वारा 11 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 7 सितंबर को 20 लाख से अधिक व्यक्तियों ने रेलवे टिकट बुक किए थे (Over 20 lakh persons booked railway tickets on September 7)। यह आंकड़ा रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह इस वर्ष किसी एक दिन में साइट द्वारा संभाला गया अब तक का सबसे अधिक लोड (the highest-ever load that the site has handled on a single day this year) था।
इतने विशाल और भारी ट्रैफ़िक के बीच आम जनता को टिकट बुक करने का उचित अवसर मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए आईआरसीटीसी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीकों का उपयोग करके इन करोड़ों फर्जी आईडी की पहचान की है। सिस्टम में एक ही आईपी एड्रेस से या एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े कई खातों को फ्लैग किया गया है। रेलवे अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि 9 करोड़ से अधिक फर्जी और संदिग्ध खातों को हटाए जाने के बाद अब आम यात्रियों के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट अधिक तेज़ और निष्पक्ष हो जाएगी। इस सर्जिकल स्ट्राइक से दलालों के गिरोह में भारी हड़कंप मच गया है, और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब इन एजेंटों के खिलाफ देशव्यापी धरपकड़ अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।