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BRICS Summit 2026 : प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज के साथ साझा विकास का दिया संदेश

New Delhi : भारत की मेजबानी में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS समिट का दूसरा और आखिरी दिन वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट के दूसरे दिन ओपन सेशन को संबोधित करते हुए चार प्रमुख स्तंभों रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर विशेष जोर दिया. इस दौरान सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने तथा बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के बीच समावेशी विकास को गति देने पर विस्तार से चर्चा की गई. समिट के पहले दिन ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूर किया था, जिसमें व्यापार, आतंकवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संस्थागत सुधार जैसे तमाम अहम मुद्दों पर साझा रुख सामने आया था.विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरकविश्व नेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है और सदियों से यह मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं बल्कि पूरक हैं. ब्रिक्स मंच पर भी मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है, जो कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है. उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए बाजारों से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल का इनिशिएटिव लिया गया है, जबकि शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है. इसके अलावा स्मार्ट ग्रिड्स और एनर्जी स्टोरेज के लिए ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के लिए एग्रो इकोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई है ताकि क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन को प्रभावी बनाया जा सके.वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें और मुलाकातेंब्रिक्स समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में वैश्विक नेताओं का जमावड़ा लगा रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस, बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का स्वागत किया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया. इस दौरान विपक्षी नेताओं की सक्रियता भी देखने को मिली जहां लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान मुलाकात की. सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद और युगांडा की उपराष्ट्रपति की उपस्थिति ने इस सम्मेलन के कूटनीतिक दायरे को और व्यापक बना दिया है.