कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा की शानदार जीत, 100 में से 55 वार्डों पर किया कब्ज़ा

ईवीएम में गड़बड़ी के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव टला, 16 सितंबर को प्रभावित बूथों पर होगा पुनर्मतदान
राघवेन्द्र प्रताप सिंह
कोटा
राजस्थान की राजनीति और शहरी निकाय चुनावों के लिहाज़ से कोचिंग सिटी कोटा से एक बड़ी और महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रहे चुनाव प्रचार और कड़ी टक्कर के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कोटा नगर निगम चुनावों (Kota municipal elections) में अपनी शानदार जीत दर्ज की है। शहर के मतदाताओं ने एक बार फिर से भाजपा पर अपना भरोसा जताया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में पार्टी की मजबूत पकड़ पुनः साबित हुई है। इस चुनावी जीत से भाजपा खेमे में भारी जश्न का माहौल है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों के कारण चुनाव प्रक्रिया में कुछ अप्रत्याशित बाधाएं भी आई हैं।
चुनाव परिणामों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने कुल 100 वार्डों में से 55 वार्ड (securing 55 out of 100 wards) सुरक्षित करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 55 सीटें जीतना इस बात का सूचक है कि कोटा की जनता ने भाजपा के विकास के एजेंडे और स्थानीय नेतृत्व को अपना समर्थन दिया है। हालांकि, वार्ड पार्षदों के स्पष्ट जनादेश के बावजूद, कुछ वार्डों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) में आई तकनीकी खराबी ने चुनाव के अगले महत्वपूर्ण चरण को बाधित कर दिया है।
चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुछ वार्डों में ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ियों (EVM glitches in some wards) के कारण अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव को फिलहाल स्थगित (postponed) कर दिया गया है। स्थानीय निकाय चुनाव के परिणामों (local body election outcomes) को अंतिम रूप देने से पहले, चुनाव अधिकारियों ने प्रभावित बूथों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान (Re-polling has been scheduled on September 16 in the affected booths) कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद 17 सितंबर को मतों की गिनती (counting on September 17) की जाएगी। इस पुनर्मतदान के बाद ही अध्यक्ष (chairperson) और उपाध्यक्ष (vice chairperson) के पदों के लिए चुनाव (elections for the posts) की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
इस तकनीकी गड़बड़ी और चुनाव स्थगित होने से राजनीतिक दलों के बीच अविश्वास और तनाव का माहौल भी पैदा हो गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग (demand transparency) करने के लिए कोटा कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम (Kota Congress President Rakhi Gautam) मतगणना केंद्र पर पहुंचीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि कलेक्टर और एडीएम (collector and ADM) की उपस्थिति में मशीनों को सील (machine was sealed) किया जाए।
विपक्ष की इस सतर्कता और आरोपों के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी है तथा ईवीएम की गड़बड़ी केवल एक तकनीकी विफलता थी। अब सभी की निगाहें 16 सितंबर को होने वाले पुनर्मतदान और 17 सितंबर की मतगणना पर टिकी हैं, जिसके बाद ही यह तय होगा कि कोटा नगर निगम का नया अध्यक्ष कौन बनेगा। भाजपा के 55 वार्ड जीतने से यद्यपि अध्यक्ष पद पर उसका दावा मजबूत है, लेकिन कांग्रेस पुनर्मतदान वाले क्षेत्रों में कड़ा मुकाबला देने की कोशिश कर रही है।