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UPI पर चार्ज लगते ही भड़के राहुल गांधी: पीएम मोदी पर ट्रंप के आगे झुकने का लगाया आरोप, इंदिरा गांधी के बयान का दिया हवाला

New Delhi : डिजिटल इंडिया की रीढ़ माने जाने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने के सरकारी फैसले के बाद देश में नया सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस कदम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर यह फैसला लिया है और भारत का पैसा अमेरिका को देने की तैयारी कर ली है। उन्होंने डिजिटल लेनदेन पर लगाए गए इस नए टैक्स को आम जनता की जेब पर डाका करार देते हुए इसे फौरन वापस लेने की मांग की है।कारोबारियों को ₹2,000 से अधिक भुगतान पर लगेगा 0.4% शुल्कसरकार की ओर से जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, 15 अक्तूबर से व्यापारियों (मर्चेंट्स) को यूपीआई के जरिए किए जाने वाले ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लागू किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आम उपभोक्ताओं को राहत देने की बात कही है। इस नियम के तहत आम लोगों के बीच होने वाले एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P – Person to Person) के सामान्य लेनदेन और ₹2,000 से कम के छोटे भुगतानों को पूरी तरह शुल्क मुक्त रखा गया है। इसके बावजूद विपक्ष का तर्क है कि व्यापारियों पर शुल्क लगाने का अप्रत्यक्ष असर अंततः उपभोक्ताओं की जेब पर ही पड़ेगा।इंदिरा गांधी की मिसाल देकर पीएम पर तीखा तंजसोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के कूटनीतिक रुख पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक ऐतिहासिक बयान का स्मरण कराते हुए कहा कि जब उनसे पूछा गया था कि वह वामपंथ की ओर झुकती हैं या दक्षिणपंथ की ओर, तो उनका जवाब था कि वह न बाएं झुकती हैं और न दाएं, बल्कि भारत के स्वाभिमान के साथ सीधी खड़ी रहती हैं। राहुल ने इस संदर्भ की तुलना मौजूदा केंद्र सरकार से करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप प्रशासन के सामने पूरी तरह नतमस्तक होने का रास्ता चुन लिया है।कांग्रेस का दावा: अमेरिका के दबाव में खत्म हुआ ‘जीरो एमडीआर’कांग्रेस पार्टी ने यूपीआई पर लगने वाले इस नए शुल्क को सीधे तौर पर वॉशिंगटन से जोड़ते हुए बड़ा कूटनीतिक आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि भारत सरकार ने अमेरिकी कंपनियों और प्रशासन के दबाव में आकर यूपीआई पर अब तक लागू ‘जीरो एमडीआर’ (Merchant Discount Rate) की नीति को समाप्त किया है। राहुल गांधी का आरोप है कि यूपीआई पर अप्रत्यक्ष कर थोपकर हर भारतीय से वसूली की जा रही है और इसका लाभ अमेरिका को पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए ‘NOTA’ का नया अर्थ ‘नरेंद्र का लगातार ट्रंप तुष्टीकरण’ करार दिया। हालांकि, दिए गए इनपुट के अनुसार, कांग्रेस के इन तीखे आरोपों पर अभी तक केंद्र सरकार या वित्त मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।फैसला तुरंत रद्द करने की मांगकांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार से इस फैसले को बिना किसी देरी के वापस लेने की अपील की है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुके डिजिटल भुगतान पर किसी भी तरह का टैक्स थोपना आम भारतीयों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के आर्थिक स्वावलंबन और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों को पीछे धकेलने वाला साबित होगा।