पाकिस्तान में फिर भयानक खून-खराबा! बलूच नेता के कैंप पर आतंकियों का खौफनाक हमला, पुलिसकर्मी समेत 5 लोगों को गोलियों से भूना

विवेक ओझा
इस्लामाबाद/बलूचिस्तान: पाकिस्तान (Pakistan) का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर आतंक और खून-खराबे से दहल उठा है। यहां एक बेहद खौफनाक और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए हथियारों से लैस आतंकियों ने एक बड़े बलूच जनजातीय नेता (Baloch Tribal Leader) के शिविर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। रात के अंधेरे में हुई इस भारी गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस भीषण आतंकी हमले (Terror Attack) ने एक बार फिर पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और सेना की नाकामी की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है।
‘चारों तरफ से घेरा और बरसा दीं गोलियां’: कैंप में मची भारी चीख-पुकार
यह आतंकी हमला इतना अचानक और सुनियोजित था कि कैंप में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हमले की खौफनाक इनसाइड स्टोरी:
- अंधेरे का उठाया फायदा: भारी हथियारों से लैस अज्ञात आतंकियों ने रात के अंधेरे में कैंप की घेराबंदी की और वहां सो रहे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
- सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी ढेर: कैंप की सुरक्षा और वीआईपी की रक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन आतंकियों की भारी फायरिंग में उसकी भी जान चली गई। हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
- हमलावर हुए फरार: वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अंधेरे और दुर्गम रास्तों का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
बलूचिस्तान में क्यों सुलग रही है हिंसा की आग?
बलूचिस्तान में जनजातीय नेताओं और सुरक्षाबलों पर ऐसे हमले कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन इस वारदात ने सरकार की नींद उड़ा दी है।
- विद्रोह और आक्रोश: बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ भारी जनाक्रोश है। विद्रोही और आतंकी गुट अक्सर उन बड़े जनजातीय नेताओं को निशाना बनाते हैं, जिन्हें वे सरकार का करीबी या समर्थक मानते हैं।
- सेना की नाकामी: बार-बार बड़े ऑपरेशन चलाने के दावों के बावजूद पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलूचिस्तान में अपने ही नागरिकों और नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
जनजातीय नेता के कैंप पर हुआ यह दुस्साहसिक हमला पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के मुंह पर एक करारा तमाचा है। यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जो पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवाद का निर्यात करता है, आज वह खुद अपने ही घर में पाले हुए आतंकियों का शिकार बन रहा है और बलूचिस्तान उसके हाथों से फिसलता जा रहा है।