ब्रिटेन की टेम्स नदी पर पहली बार गूंजे मंत्र, संपन्न हुई ऐतिहासिक ‘गंगा आरती’

विवेक ओझा
लंदन
भारतीय संस्कृति और उसकी प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं अब केवल देश की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पूरे विश्व में अपनी अमिट छाप छोड़ रही हैं। इसी का एक अत्यंत शानदार और विहंगम दृश्य यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में देखने को मिला। भारत की पवित्र गंगा नदी के तटों पर होने वाली प्रसिद्ध आरती की तर्ज़ पर, यूके (UK) में टेम्स नदी (River Thames) पर ऐतिहासिक रूप से पहली बार ‘गंगा आरती’ आयोजित की गई है। यह आयोजन न केवल ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि यह दोनों देशों के बीच गहरे होते सांस्कृतिक जुड़ाव का भी एक अद्भुत प्रतीक है।
इस अनूठे और आध्यात्मिक कार्यक्रम को एक विशेष नाम दिया गया था। ‘गंगा आरती ऑन द टेम्स: ए सेरेमनी ऑफ लाइट’ (‘Ganga Aarti on the Thames: A Ceremony of Light’) नामक इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन चिन्मय मिशन यूके (Chinmaya Mission UK) द्वारा किया गया था। चिन्मय मिशन दुनिया भर में वैदिक ज्ञान और भारतीय दर्शन के प्रसार के लिए जाना जाता है। इस आयोजन की सबसे खास बात यह थी कि इसे लंदन के बहुचर्चित वार्षिक ‘टोटली टेम्स’ (Totally Thames) उत्सव के सक्रिय सहयोग से संपन्न किया गया। ‘टोटली टेम्स’ एक महीने तक चलने वाला कला और संस्कृति का त्योहार है जो टेम्स नदी के महत्व का जश्न मनाता है, और इसमें भारतीय ‘आरती’ का शामिल होना इसके वैश्विक और समावेशी स्वरूप को दर्शाता है।
इस ‘सेरेमनी ऑफ लाइट’ का आयोजन एक बहुत ही खास मौके पर किया गया था। पीटीआई (PTI) द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार, यह भव्य आयोजन चिन्मय मिशन चैरिटी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे वैश्विक समारोहों के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में किया गया था।
सोमवार, 14 सितंबर, 2026 की वह शाम लंदन वासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव लेकर आई। यूनाइटेड किंगडम के लंदन में पहली बार आयोजित हुई इस ‘गंगा आरती’ को देखने और इसका हिस्सा बनने के लिए टेम्स नदी के तट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक भारतीय परिधानों में सजे पुजारियों ने जब हाथों में भव्य दीप प्रज्वलित किए और वैदिक मंत्रों का उच्चारण शुरू किया, तो टेम्स नदी का तट मानो वाराणसी या ऋषिकेश के घाटों में तब्दील हो गया। नदी के शांत जल पर पड़ती दीपों की सुनहरी रोशनी ने एक जादुई माहौल पैदा कर दिया।
यह आयोजन प्रवासी भारतीयों (Diaspora) के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का एक बहुत ही भावुक अवसर था। टेम्स नदी पर ‘गंगा आरती’ का यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है; यह नदियों के प्रति आदर, प्रकृति के संरक्षण और सांस्कृतिक सद्भाव का एक सार्वभौमिक संदेश है। जब लंदन के दिल में भारतीय आस्था के दीप जलते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि सांस्कृतिक सीमाएं अब सिमट रही हैं और विश्व वास्तव में एक ‘ग्लोबल विलेज’ बनता जा रहा है।