शेंग लिहाओ ने जीता गोल्ड, हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने भारत को दिलाए रजत-कांस्य
भारतीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने सोमवार को 2026 एशियाई खेलों में पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते। चीन के शेंग लिहाओ ने करीबी मुकाबले में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रुद्रांक्ष ने फाइनल में शानदार शुरुआत की।
पहली सीरीज में 52.8 अंक हासिल कर उन्होंने शुरुआती बढ़त बनाई और दूसरी सीरीज में 53.2 अंक के साथ अपनी बढ़त को 1.1 अंक तक पहुंचा दिया। हिमांशु भी लगातार पदक की दौड़ में बने रहे और कुछ समय के लिए दूसरे स्थान पर आ गए। 12 शॉट के बाद रुद्रांक्ष 127.4 अंक के साथ शीर्ष पर थे, जबकि हिमांशु 126.6 और शेंग लिहाओ 126.3 अंक के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर थे।
मुकाबला मध्य चरण में भी बेहद करीबी रहा। 16 शॉट के बाद शेंग 168.8 अंक के साथ बढ़त पर पहुंच गए, जबकि रुद्रांक्ष और हिमांशु 168.6-168.6 अंक के साथ बराबरी पर थे। हिमांशु ने इसके बाद 10.9 का शानदार शॉट लगाकर रुद्रांक्ष से अंतर केवल 0.1 अंक कर दिया, लेकिन अगले शॉट में 9.8 अंक आने से वह तीसरे स्थान पर खिसक गए। हालांकि, उन्होंने 10.6 के शॉट के साथ वापसी की और पदक की दौड़ में बने रहे।

20 शॉट के बाद शेंग ने अपनी बढ़त एक अंक तक पहुंचा ली। रुद्रांक्ष 210.6 और हिमांशु 210.0 अंक के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर थे। इसके बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। 22 शॉट के बाद रुद्रांक्ष 230.9 अंक के साथ बाहर हो गए और हिमांशु 231.0 अंक के साथ उनसे केवल 0.1 अंक आगे रहे। इससे पहले रुद्रांक्ष का 9.7 का शॉट उनके लिए महंगा साबित हुआ और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
इसके बाद स्वर्ण पदक के लिए हिमांशु और शेंग के बीच मुकाबला हुआ। दोनों ने अंतिम शॉट में 10.6 अंक हासिल किए, लेकिन शेंग ने कुल 233.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। हिमांशु 231.0 अंक के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे। इस परिणाम के साथ भारत ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत और कांस्य पदक के रूप में दोहरी सफलता हासिल की।

इससे पहले रुद्रांक्ष, पार्थ माने और हिमांशु ढिल्लों की भारतीय टीम ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। भारत ने 1890.1 अंक हासिल किए थे, जबकि चीन ने 1899.0 अंकों के साथ स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने 1841.4 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता था।