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पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित दुष्कर्म की अफवाहों पर भारी बवाल, उग्र छात्रों ने किया हाईवे जाम

अभिषेक सिंह

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की अपुष्ट खबरों के बाद कैंपस में भारी विरोध प्रदर्शन भड़क गया है। छात्रों द्वारा की गई आगजनी और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाने के बाद पुलिस ने इंटरनेट सेवाएं रोक दी हैं और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है।

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में सोशल मीडिया पर फैली एक छात्रा के कथित दुष्कर्म की अपुष्ट खबरों के बाद भारी तनाव और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। रविवार तड़के छात्रों के एक बड़े समूह ने कैंपस में जमकर हंगामा किया, खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और कुछ स्थानों पर आगजनी भी की। उग्र छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-चवालीस) पर पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया, जिससे दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन एक बाहरी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर किए गए दुष्कर्म के मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने कैंपस और उसके आसपास के इलाकों में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से निलंबित कर दी हैं और परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

इस गंभीर मामले में कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव टूरा ने स्पष्ट किया है कि पुलिस को अब तक किसी भी पीड़िता या उसके परिवार की तरफ से कोई औपचारिक शिकायत या पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि एक छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है या उसने आत्महत्या कर ली है। विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले दस दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों को उनके घर लौटने का विकल्प दिया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन और राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। एलपीयू की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की एक सोची-समझी और बेबुनियाद साजिश करार दिया है। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति भी पूरी तरह से गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राज्य की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है। गौरतलब है कि एलपीयू में हुए इस हंगामे से ठीक एक दिन पहले पंजाब के ही एक अन्य निजी विश्वविद्यालय (चितकारा यूनिवर्सिटी) में भी कथित आत्महत्या की अफवाहों को लेकर इसी तरह का हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था, जिसे पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में पूरी तरह से निराधार पाया था।