बरसापारा में कोहली पर फिर नजरें, लेकिन भारत के लिए तेज गेंदबाजी संयोजन सबसे बड़ा सवाल

भारत की बल्लेबाजी भले ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ बुधवार को होने वाले दूसरे वनडे से पहले टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल तेज गेंदबाजी संयोजन को लेकर है। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए भारत इस श्रृंखला में अपने विकल्पों को परख रहा है, लेकिन जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी विभाग उम्मीद के मुताबिक मजबूत नजर नहीं आया।

तिरुवंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में भारत ने 296 रन का लक्ष्य 42 ओवर से भी कम समय में हासिल कर लिया था। कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली ने शतक जड़कर टीम को आसान जीत दिलाई, जबकि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने चार विकेट लेकर गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, तेज गेंदबाजी में भारत को कई सवालों का सामना करना पड़ा।

अगले साल के विश्व कप को देखते हुए टीम प्रबंधन ने नीतीश कुमार रेड्डी को नई गेंद से गेंदबाजी की जिम्मेदारी दी, जबकि मोहम्मद सिराज को विश्राम दिया गया। यह प्रयोग उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा। बाएं पैर की जांघ की मांसपेशी में चोट से उबरकर लौटे रेड्डी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखे और उन्होंने सात गेंदों वाले एक ओवर में 18 रन लुटा दिए। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत दूसरे वनडे में भी रेड्डी को नई गेंद सौंपकर उन्हें आजमाना जारी रखेगा या अधिक भरोसेमंद सिराज की वापसी होगी।

साभार : गूगल

हार्दिक को अब तक फिटनेस मंजूरी नहीं मिली है, जबकि बुमराह एशियाई खेलों के लिए जापान में हैं। ऐसे में भारत के पास तेज गेंदबाजी विकल्पों को परखने का यह अहम मौका है। रेड्डी को लंबे समय के ऑलराउंड विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है और उन्हें गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का पूरा समर्थन हासिल है। वह टीम के छठे गेंदबाजी विकल्प भी हो सकते हैं, लेकिन अब तक वह लगातार निराश करते रहे हैं।

ऐसे में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पदार्पण का मौका देना भी भारत के लिए एक विकल्प हो सकता है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम में शामिल होने के बावजूद नबी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का इंतजार है।

भारत इस समय ऑलराउंडरों के विकल्प भी तलाश रहा है। इसी वजह से पहले वनडे में बल्लेबाजी ऑलराउंडर नमन धीर को पदार्पण का मौका दिया गया। धीर ने पांच ओवर में 33 रन दिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का अवसर नहीं मिला। यदि दूसरे वनडे में सिराज की वापसी होती है तो ऑलराउंडर विकल्पों में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है। वहीं, अगर नबी को मौका मिलता है तो भारत को एक अतिरिक्त विशेषज्ञ गेंदबाज खिलाकर बाकी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाना होगा।

बल्लेबाजी की बात करें तो पहले वनडे में भारत का शीर्ष क्रम पूरी तरह नियंत्रण में नजर आया। विराट कोहली ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 74 गेंदों में शतक लगाया। उन्होंने इस पारी के दौरान कई उपलब्धियां हासिल कीं, जिसमें सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले दूसरे भारतीय बनना भी शामिल है। कोहली ने एक बार फिर लक्ष्य का पीछा करने के मामले में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

कोहली अब बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में लौट रहे हैं, जहां उन्होंने जनवरी 2023 में श्रीलंका के खिलाफ अपना 45वां वनडे शतक लगाया था। उनकी मौजूदा फॉर्म ने इस श्रृंखला को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया है। कप्तान शुभमन गिल ने भी पहले वनडे में शतक लगाया था, हालांकि उन्हें शुरुआत में ही जीवनदान मिला था। वेस्टइंडीज के खराब क्षेत्ररक्षण का भारत ने पूरा फायदा उठाया।

दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज के लिए मुकाबला करो या मरो जैसा होगा। श्रृंखला में बने रहने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। पहले मैच में उसका क्षेत्ररक्षण अच्छा नहीं रहा था और गिल को शुरुआती जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने शतक जड़ दिया था। कोच डैरेन सैमी को उम्मीद होगी कि उनकी टीम इस बार गलतियों में सुधार करके भारत के खिलाफ वनडे श्रृंखला जीत के लंबे इंतजार को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। वेस्टइंडीज ने आखिरी बार 2002 में भारत के खिलाफ वनडे श्रृंखला जीती थी।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर

वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स