आय से एक करोड़ उनचास लाख रुपये अधिक संपत्ति का मामला: परिवहन विभाग के सब इंस्पेक्टर पर आर्थिक अपराध इकाई का शिकंजा

सरिता त्रिपाठी
परिवहन विभाग में तैनात मोबाइल सब इंस्पेक्टर अमित कुमार गुप्ता के आरा और दानापुर स्थित विभिन्न ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई ने एक साथ छापेमारी की है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और कड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने परिवहन विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। ईओयू की विशेष टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप में परिवहन विभाग में तैनात मोबाइल सब इंस्पेक्टर अमित कुमार गुप्ता के ठिकानों पर धावा बोला है। जांच एजेंसी की यह छापेमारी मुख्य रूप से इस अधिकारी के आरा और दानापुर स्थित परिसरों पर एक साथ की गई है, जहां भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच दस्तावेजों और संपत्तियों की सघन जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकारी पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति जमा करने का आरोप है। जांच एजेंसी की प्रारंभिक पड़ताल और आकलन में यह बात सामने आई है कि मोबाइल सब इंस्पेक्टर ने अपनी वैध आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में करीब एक करोड़ उनचास लाख रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर ईओयू ने मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और बुधवार को उनके आरा और दानापुर स्थित आवासों पर एक साथ सघन छापेमारी अभियान शुरू कर दिया।
छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों की टीम घर में मौजूद बैंक खातों, जमीन के कागजातों, आभूषणों और अन्य निवेशों से जुड़े अहम दस्तावेजों को खंगाल रही है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए की गई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से परिवहन और अन्य सरकारी महकमों में हड़कंप का माहौल है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस छापेमारी के पूरा होने और जब्त किए गए दस्तावेजों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद अवैध संपत्ति का यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ सकता है। फिलहाल जांच एजेंसी की टीम मौके पर मौजूद है और बेहिसाब संपत्ति के अंतिम आकलन की कानूनी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।