कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी का दावा: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था ‘जब हम जाएंगे, तो आप ही आएंगे’

अभिषेक सिंह
नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि एक बंद कमरे की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा था कि भारतीय जनता पार्टी के हटने के बाद कांग्रेस ही सत्ता में लौटेगी।
देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस की कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक कथित बयान ने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक बंद कमरे की बैठक में प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था कि भारतीय जनता पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद केवल कांग्रेस ही सरकार में वापसी करेगी। राहुल गांधी ने अपने सहयोगियों से बातचीत करते हुए मुस्कुराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जब वे जाएंगे, तो कांग्रेस ही सत्ता में आएगी, इसलिए पार्टी नेताओं को खुद पर और अपनी ताकत पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, करीब बीस से पच्चीस मिनट के अपने संबोधन में राहुल गांधी ने संगठन के भीतर प्रतिरोध और संघर्ष की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया और कार्यकर्ताओं से पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस बैठक के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के आंतरिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए विरोध और प्रतिरोध के दोहरे सिद्धांत को अपनाने की बात कही। पार्टी की ओर से बाद में यह स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस संसद के भीतर सरकारी नीतियों का पुरजोर विरोध करेगी और संसद के बाहर सड़क पर जनता के मुद्दों को लेकर कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराएगी। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि देश में भारतीय जनता पार्टी को पराजित करने का सामर्थ्य केवल कांग्रेस पार्टी के पास ही है, इसलिए कार्यकर्ताओं को किसी भी स्तर पर निराश होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, जब पत्रकारों ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से राहुल गांधी के इस कथित बयान के बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने इस पर सीधा कोई भी सार्वजनिक बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि कार्यसमिति के कमरे के भीतर राहुल गांधी द्वारा जो भी विचार-विमर्श किया गया है, वह उसी दायरे तक सीमित है।
दूसरी ओर, राहुल गांधी के इस दावे के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक विवाद गहरा गया है और सरकारी सूत्रों ने उनके इस बयान को पूरी तरह से भ्रामक और सच्चाई से परे करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष इस तरह के मनगढ़ंत दावों के जरिए अपनी पार्टी के हताश कार्यकर्ताओं में झूठा उत्साह भरने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति की इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी सहित कई प्रमुख रणनीतिकार मौजूद थे। बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी रणनीतियों, मतदाता सूची से जुड़े विवादों और आगामी राजनीतिक अभियानों की दिशा तय करने को लेकर गहन चर्चा की गई। बहरहाल, राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के साथ हुई बंद कमरे की बैठक के इस कथित प्रसंग को उजागर किए जाने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर शुरू हो गया है।