इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश, पायलट ने साथी पर किया चाकू से हमला: नेतन्याहू

अभिषेक सिंह
संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल जा रहे एक यात्री विमान में उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब एक पायलट ने कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने के इरादे से अपने ही साथी पायलट पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
सऊदी अरब के ताबुक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार, तीस सितंबर दो हजार छब्बीस को संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल की उड़ान भर रहे एक व्यावसायिक विमान में एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी घटना घटी। इजरायल के प्रधानमंत्री ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि फ्लाईदुबई के इस विमान के एक पायलट ने उड़ान के बीच में ही अपने साथी पायलट पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस अप्रत्याशित हमले का मुख्य उद्देश्य उस विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करना था, जिसमें लगभग एक सौ सत्तर लोग सवार थे।
हवा में हजारों फुट की ऊंचाई पर हुई इस हिंसक वारदात के कारण विमान के अंदर भारी अफरातफरी मच गई और कई यात्री दहशत के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ्लाईदुबई की इस उड़ान से तुरंत एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया और विमान अचानक हजारों फुट नीचे की ओर तेजी से उतरने लगा। अपहरण या किसी बड़ी आतंकी साजिश की प्रबल आशंका को देखते हुए इजरायल तुरंत सतर्क हो गया और सुरक्षा के मद्देनजर उसने अपने लड़ाकू विमानों को भी हवा में रवाना कर दिया। हालांकि, विमान में मौजूद सतर्क चालक दल के अन्य सदस्यों और कुछ यात्रियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर पायलट को काबू में कर लिया। इस संघर्ष के बाद अंततः विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर उतार लिया गया, जिससे एक बेहद बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया। तीस सितंबर को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाईदुबई के विमानों की आवाजाही सामान्य रूप से देखी गई थी, जिसके बाद यह उड़ान रवाना हुई थी।
इस गंभीर घटना के बाद इजरायली नेतृत्व की ओर से बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इजरायल के नेता इटमार बेन ग्विर ने इस हमले को लेकर कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो यह भोली धारणा रखते हैं कि हमारे दुश्मन जीवन का सम्मान करते हैं या हमें उन पर दया करनी चाहिए। उन्होंने हमलावर को एक आतंकवादी करार देते हुए कहा कि उसका इरादा विमान को दुर्घटनाग्रस्त करके उसमें सवार एक सौ अस्सी इजरायली नागरिकों की सामूहिक रूप से हत्या करना था। यह घटना अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सुरक्षा और विमानन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की जांच प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि एक पायलट द्वारा ही अपने यात्रियों की जान जोखिम में डालने का यह मामला अपने आप में बेहद दुर्लभ और चिंताजनक है।