आईसीसी ने बदले क्रिकेट के कई नियम, बल्लेबाजों की देरी पर लगेगी पांच रन की पेनल्टी
आईसीसी ने पुरुष और महिला क्रिकेट के लिए प्लेइंग कंडिशन में बदलाव किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य खेल की गति बेहतर करने के साथ कुछ नियमों को ज्यादा स्पष्ट और एकरूप बनाना है। हालांकि, जो अंतरराष्ट्रीय सीरीज पहले से जारी हैं, उनमें पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
नए नियमों में सबसे अहम बदलाव बल्लेबाजों के समय बर्बाद करने से जुड़ा है। अगर बल्लेबाज निर्धारित समय के भीतर अगली गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं होता है तो पहली बार उसे चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार अंतिम चेतावनी मिलेगी, जबकि तीसरी और उसके बाद हर बार गलती दोहराने पर फील्डिंग टीम को 5 रन पेनल्टी के तौर पर दिए जाएंगे। लगातार उल्लंघन की स्थिति में आचार संहिता के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंदों के आकार और वजन को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंदों के आकार और वजन की अलग-अलग सीमाएं तय की गई हैं। फील्डिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव हुआ है। ‘ओवरथ्रो’ किस स्थिति को माना जाएगा, इसे स्पष्ट किया गया है। केवल गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर तक पहुंचाने की कोशिश को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा। इसी तरह रन आउट या स्टंपिंग के दौरान फील्डर के हाथ में गेंद होने के लिए उसका गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा।

‘बॉल फाइनली सेटल्ड’ होने के नियम में भी अंपायर को अधिक निर्णयाधिकार दिया गया है। अब गेंद का गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा। टेस्ट में एक अहम बदलाव के तहत आपसी सहमति से दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य खराब रोशनी के कारण खेल में होने वाले व्यवधान को कम करना है। मैच शुरू होने से पहले दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होगी और फैसला मैच शुरू होने के बाद बदला नहीं जा सकेगा।
एक अन्य बदलाव के तहत दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने मात्र से खेल अपने आप खत्म नहीं होगा। यदि ओवर की गेंदें बाकी हैं और मौसम तथा परिस्थितियां खेलने के अनुकूल हैं, तो बची हुई गेंदें उसी दिन पूरी की जा सकती हैं। टी20 में अब 15 मिनट का निर्धारित इंटरवल होगा। समय खराब होने की स्थिति में इसे घटाकर कम से कम 10 मिनट किया जा सकता है। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मुख्य कोच या उनके नामित प्रतिनिधि को मैदान में आने की अनुमति से जुड़े नियम भी वनडे और टी20 प्रारूप में एक समान किए गए हैं।
इसके अलावा लेग साइड की वाइड गेंद से संबंधित ट्रायल को वनडे और टी20 के नियमों में स्थायी रूप से शामिल कर दिया गया है। आईसीसी के मुताबिक, इन बदलावों पर संबंधित क्रिकेट समितियों में विस्तार से चर्चा की गई है। इनका उद्देश्य आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के अनुरूप नियमों को विकसित करना और खेल में स्पष्टता व निरंतरता बनाए रखना है।