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रेवंत रेड्डी के बयान पर भाजपा का तीखा पलटवार, कहा- ‘यह कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन है’

राघवेंद्र प्रताप सिंह

नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा गांधी परिवार और संघ परिवार को लेकर की गई एक हालिया टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शनिवार को दोनों ही संगठनों ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के इस राजनीतिक बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस पार्टी का पूरी तरह से ‘मानसिक दिवालियापन’ करार दिया है। सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी दल के बीच विचारधारा की इस तीखी बहस ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नया उफान ला दिया है।

इस पूरे राजनीतिक विवाद की शुरुआत शुक्रवार को तब हुई जब तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी केरल के नीलांबूर पहुंचे थे। वहां उन्हें प्रतिष्ठित ‘आर्यादन मोहम्मद पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को प्राप्त करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेड्डी ने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि आज देश की राजनीति में मुख्य मुकाबला सीधे तौर पर संघ परिवार और गांधी परिवार के बीच है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में गांधी परिवार की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें देश के लिए ‘बलिदान का प्रतीक’ बताया था। इसके ठीक विपरीत, उन्होंने संघ परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर पूरे भारत को बांटने का काम कर रहा है।

रेड्डी के इस सीधे और तीखे हमले के बाद शनिवार को भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया। विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने रेड्डी की इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को इस तरह के बेबुनियाद बयान बिल्कुल नहीं देने चाहिए। बंसल ने इसे सीधे तौर पर मानसिक दिवालियापन बताया है। इसके साथ ही, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी रेवंत रेड्डी को आड़े हाथों लिया। भाजपा सांसद तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री के इस बयान को विशुद्ध ‘चाटुकारिता’ करार दिया है। तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि रेड्डी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गांधी परिवार को खुश करने और आलाकमान की नजरों में अपने नंबर बढ़ाने के लिए जानबूझकर ऐसी विवादित टिप्पणी कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उस पर परिवारवाद को प्राथमिकता देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने यह दावा किया कि कांग्रेस पार्टी का एकमात्र उद्देश्य केवल ‘गांधी-वाड्रा परिवार’ को फिर से सत्ता के शीर्ष पर वापस लाना है। इस वैचारिक लड़ाई को स्पष्ट करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से ‘परिवार पहले’ की नीति पर चलती है। इसके विपरीत, बंडी संजय कुमार ने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और पूरा संघ परिवार सदैव ‘राष्ट्र पहले’ की नीति और विचारधारा को ही अपना सर्वोच्च लक्ष्य मानते हैं।