Trending

दिव्यांगजनों की यात्रा होगी सुगम: सड़क परिवहन मंत्रालय ने FASTag नियमों में किया अहम संशोधन, टोल प्लाजा पर मिलेगी बड़ी राहत

अभिषेक सिंह

नई दिल्ली: भारतीय सड़कों पर यात्रा को और अधिक समावेशी और सुगम बनाने की दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लिया है। मंत्रालय ने दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities – PwD) को बड़ी सहूलियत देते हुए उनके वाहनों के लिए जारी होने वाले मुफ्त और छूट वाले FASTag के दिशा-निर्देशों में अहम संशोधन किया है। इस नए और परिष्कृत संशोधन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले दिव्यांग नागरिकों को राजमार्गों और टोल प्लाजा पर बिना किसी अनावश्यक पूछताछ, तकनीकी बाधा या मानसिक परेशानी के निर्बाध और सम्मानजनक सुविधा मिल सके।

पहले की व्यवस्था में, कई बार तकनीकी खामियों, स्पष्ट दिशानिर्देशों के अभाव या टोल प्लाजा कर्मचारियों की अनभिज्ञता के कारण दिव्यांगजनों को टोल पार करते समय भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में, उनके वाहनों पर लगे विशेष FASTag को सिस्टम द्वारा रीड नहीं किया जाता था, या फिर छूट का लाभ लेने के लिए उन्हें बार-बार अपने दिव्यांग प्रमाण पत्र और वाहन के कागज़ात भौतिक रूप से दिखाने पड़ते थे। इससे न केवल उनका समय बर्बाद होता था, बल्कि पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाने से उन्हें असहज स्थिति का भी सामना करना पड़ता था। कई दिव्यांग संगठनों ने लंबे समय से इन व्यावहारिक समस्याओं को लेकर सरकार के समक्ष अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।

इन सभी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए, नए नियमों के तहत पूरी आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल (User-Friendly) बना दिया गया है। अब दिव्यांगजनों को अपने विशेष FASTag के लिए सरकारी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस पोर्टल को सीधे स्वास्थ्य मंत्रालय के दिव्यांगता प्रमाण पत्र डेटाबेस (UDID) और वाहन पंजीकरण डेटाबेस (Vahan) से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि जैसे ही कोई दिव्यांग नागरिक अपना आवेदन सबमिट करेगा, उसके दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन तुरंत हो जाएगा और विशेष FASTag बिना किसी देरी के जारी कर दिया जाएगा।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि ये नए FASTag देशभर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा के सिस्टम में ऑटोमैटिक रूप से मान्यता प्राप्त होंगे। जैसे ही कोई दिव्यांगजन का वाहन टोल प्लाजा की लेन में प्रवेश करेगा, सिस्टम तुरंत FASTag को स्कैन कर लेगा और बिना कोई शुल्क काटे या बैरियर गिराए, वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति दे देगा। मंत्रालय ने सभी टोल प्लाजा ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने सिस्टम को तुरंत अपडेट करें और अपने कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था के प्रति संवेदनशील बनाएं। यह कदम भारत सरकार के ‘सुगम्य भारत अभियान’ (Accessible India Campaign) को सशक्त करता है और यह साबित करता है कि सरकार समाज के हर वर्ग के लिए बुनियादी ढांचे को सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।