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बिहार के किसानों की बड़ी छलांग: पूर्णिया का विश्व प्रसिद्ध मखाना पहली बार पहुंचा ग्रीस के बाज़ार, यूरोप में भारत का डंका

अभिषेक सिंह

पूर्णिया/नई दिल्ली: भारतीय कृषि और विशेष रूप से बिहार के किसानों के लिए एक बेहद गर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण सामने आया है। अपने स्वाद और अतुलनीय स्वास्थ्य लाभों के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध बिहार के पूर्णिया जिले का मखाना (Fox Nut) अब भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए सीधे यूरोपीय देश ग्रीस (Greece) के बाजारों में पहुंच गया है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के निरंतर तकनीकी सहयोग, प्रमाणन और मार्गदर्शन से मखाने की इस पहली व्यावसायिक खेप का सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। यह सफलता भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

मखाना, जिसे एक प्रीमियम सुपरफूड के रूप में पहचाना जाता है, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, मैग्नीशियम और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है। ग्लूटेन-फ्री (Gluten-Free) और कम कैलोरी वाला होने के कारण, पश्चिमी देशों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच इसकी मांग हाल के वर्षों में तेज़ी से बढ़ी है। पूर्णिया और मिथिलांचल का क्षेत्र भारत के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 85-90% हिस्सा पैदा करता है। यहां की विशेष जलवायु और तालाबों की मिट्टी मखाने को वह विशिष्ट आकार और गुणवत्ता प्रदान करती है जो दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। इसी कारण से बिहार के मखाने को भौगोलिक संकेत (GI Tag) भी प्राप्त है।

अब तक बिहार का मखाना मुख्य रूप से घरेलू बाज़ारों या कुछ एशियाई देशों तक ही सीमित था। ग्रीस के लिए हुए इस सफल निर्यात ने यूरोपीय संघ (EU) के विशाल और लाभदायक बाज़ार के दरवाज़े खोल दिए हैं। APEDA ने इस निर्यात को संभव बनाने के लिए किसानों और निर्यातकों को यूरोपीय संघ के कड़े खाद्य सुरक्षा मानकों (SPS) और पैकेजिंग नियमों के अनुरूप प्रशिक्षित किया। कीटनाशकों के उपयोग को शून्य करने और ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया गया, ताकि मखाना अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता परीक्षणों में खरा उतर सके।

इस ऐतिहासिक निर्यात का सबसे बड़ा और सीधा लाभ पूर्णिया के स्थानीय मखाना किसानों और उत्पादकों को मिलेगा। अब उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उनके उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के हिसाब से बेहतर और उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे उनकी आय में भारी वृद्धि होगी। इसके अलावा, इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग भी बेहद मजबूत होगी। राज्य सरकार और APEDA अब मखाने की मूल्यवर्धन (Value Addition) जैसे रोस्टेड और फ्लेवर्ड मखाना बनाने और उसकी आधुनिक पैकेजिंग को और बेहतर करने पर काम कर रहे हैं। योजना है कि भविष्य में इसे अमेरिका, ब्रिटेन और मध्य पूर्व के देशों में भी बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाए, जिससे बिहार विश्व स्तर पर मखाना हब बन सके।