कैच छोड़ने की गलती से बचना होगा भारत को, तीसरे टी20 में जीत पर नजर

भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार को होने वाले तीसरे टी20 में भारतीय टीम की नजरें अपनी गेंदबाजी में सुधार करने पर रहेंगी। रांची में खेले गए दूसरे मैच में 250 रन का लक्ष्य बचाने में नाकाम रहने के बाद भारतीय गेंदबाजों के सामने इंदौर में कड़ी चुनौती होगी। होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और सपाट पिच को देखते हुए एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मुकाबले की उम्मीद है। ऐसे में बल्लेबाजों के प्रदर्शन के साथ क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी की भूमिका भी निर्णायक हो सकती है।

रांची में दूसरे टी20 के दौरान वेस्टइंडीज ने भारत के 250 रन के लक्ष्य को लगभग एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था। शुरुआती झटकों के बावजूद कैरेबियाई टीम ने शानदार वापसी की और भारतीय गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। इंदौर में भी अगर बल्लेबाजों का दबदबा कायम रहता है तो गेंदबाजों के लिए रन रोकना आसान नहीं होगा। ओस भी मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकती है।

भारत के लिए पिछले मैच में छोड़े गए कैच से सबक लेना होगा। मयंक यादव ने शॉर्ट फाइन लेग पर शेरफेन रदरफोर्ड का आसान कैच छोड़ दिया था। उस समय रदरफोर्ड 38 रन पर खेल रहे थे। जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 84 रन बनाए और कप्तान शाई होप के साथ 54 गेंदों में 120 रन की साझेदारी की। यह साझेदारी मैच का रुख बदलने में अहम साबित हुई। दोनों टीमों ने अब तक महत्वपूर्ण मौकों पर कैच छोड़े हैं, इसलिए इंदौर में क्षेत्ररक्षण की छोटी-सी चूक भी भारी पड़ सकती है।

साभार : गूगल

कप्तान शाई होप की शानदार फॉर्म और रदरफोर्ड की वापसी से वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की ताकत बढ़ी है। होप इस दौरे पर दो शतक लगा चुके हैं और तीसरे टी20 में भी बड़ी पारी खेलने की कोशिश करेंगे। रदरफोर्ड ने पिछले मैच में मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाकर अपनी उपयोगिता साबित की। भारतीय गेंदबाजों को इन दोनों बल्लेबाजों के खिलाफ सटीक रणनीति के साथ उतरना होगा।

दूसरे टी20 में मयंक यादव ने तीन विकेट लेकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई थी, लेकिन बाकी गेंदबाज वेस्टइंडीज की रन गति पर अंकुश लगाने में सफल नहीं रहे। भारत अपने प्रमुख तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगा। उन्होंने पिछले मैच में एक विकेट लिया था। मयंक से एक बार फिर शुरुआती सफलता दिलाने और दबाव बनाए रखने की अपेक्षा होगी।

कप्तान श्रेयस अय्यर की फॉर्म में वापसी भारत के लिए इस श्रृंखला में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने पहले टी20 में नाबाद 102 रन बनाए थे, जबकि दूसरे मुकाबले में 40 रन की तेज पारी खेली। संजू सैमसन ने भी 82 रन बनाकर अंतिम एकादश में अपनी जगह मजबूत की है। उनके प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को तीसरे मैच में भी बाहर बैठना पड़ सकता है।

मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रांची में दूसरे टी20 के बाद संकेत दिया था कि भारतीय टीम मध्यक्रम में बदलाव कर सकती है, लेकिन शीर्ष क्रम में बदलाव की संभावना कम है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टीम संयोजन के साथ प्रयोग जारी रहेंगे। दूसरे मैच में शिवम दुबे को श्रेयस अय्यर से पहले चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था, लेकिन वह सात रन बनाकर आउट हो गए थे। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने सही बल्लेबाजी क्रम चुनने की चुनौती भी रहेगी।

वेस्टइंडीज की गेंदबाजी में रोस्टन चेज ने पिछले मैच में चार विकेट लेकर प्रभाव छोड़ा था। टीम को उनसे एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। हालांकि, वेस्टइंडीज शमर स्प्रिंगर को बदलने पर विचार कर सकता है, जिन्होंने पिछले मुकाबले में दो विकेट लिए थे।