तीन साल बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे नॉर्टजे, बोले- यही खेल का सबसे बेहतरीन फॉर्मेट

तीन साल तक टेस्ट क्रिकेट से दूर रहने के बाद साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दमदार प्रदर्शन कर इस प्रारूप में अपनी वापसी को यादगार बनाया। किंग्समीड में खेले जा रहे पहले टेस्ट के शुरुआती दिन नॉर्टजे ने दो विकेट हासिल किए। चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण लंबे समय तक टेस्ट टीम से बाहर रहे नॉर्टजे ने वापसी के बाद टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे बेहतरीन और चुनौतीपूर्ण प्रारूप बताया।

नॉर्टजे ने 2023 में सेंचुरियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद कई बार वापसी के करीब पहुंचने के बावजूद परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं रहीं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट खेलने की उनकी इच्छा लगातार बनी रही। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने गेंद से प्रभाव छोड़ते हुए अपनी उपयोगिता साबित की और मेजबान टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में योगदान दिया।

पहले दिन नॉर्टजे ने एक ही ओवर में एलेक्स कैरी और ब्यू वेबस्टर को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को दो बड़े झटके दिए। कैरी 14 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि वेबस्टर केवल चार रन बना सके। इन विकेटों के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 124 रन हो गया। साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और मेहमान टीम को 187 रन पर रोक दिया। हालांकि, खराब रोशनी और बारिश के कारण शुक्रवार को दिन का खेल निर्धारित समय से पहले समाप्त करना पड़ा।

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लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद नॉर्टजे इस प्रारूप में खेलने को लेकर हमेशा उत्साहित रहे। एक क्रिकेट वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से टेस्ट खेलना चाहता था। मगर मौके, समय और हालात हमेशा सही नहीं रहे। जाहिर है कि कुछ समस्याओं के कारण चीजें हमेशा वैसी नहीं हुईं जैसी होनी चाहिए थीं।”

नॉर्टजे की वापसी की राह में चोट बड़ी बाधाओं में से एक रही। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के दौरान लगी चोट को याद करते हुए बताया कि उस समय उनके पैर की उंगली टूट गई थी। इस चोट ने उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रखा और टेस्ट टीम में वापसी की उनकी योजना को भी प्रभावित किया।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान वापसी के करीब था। वनडे के दौरान मेरे पैर की उंगली टूट गई थी, जब डेविड नेट्स में मुझे रिवर्स स्विंग गेंदें फेंक रहे थे। अतीत में ऐसा मौका आया था। सब कुछ ठीक हो गया और मैं मैदान पर लौट सका, देश के लिए फिर से खेल सका, खासकर टेस्ट कैप पहनकर। घर पर रखे-रखे यह थोड़ी पुरानी हो गई है।”

नॉर्टजे के लिए टेस्ट क्रिकेट का आकर्षण सिर्फ विकेट लेने तक सीमित नहीं है। उन्हें इस प्रारूप में लंबे समय तक गेंदबाजी करने, शारीरिक चुनौतियों का सामना करने और मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए योगदान देने में विशेष आनंद आता है। उनके मुताबिक, लगातार कई स्पेल डालना और अपनी पूरी ताकत लगाकर विकेट हासिल करने की कोशिश करना टेस्ट क्रिकेट को खास बनाता है।

उन्होंने कहा, “मुझे कड़ी मेहनत करना पसंद है। मैंने हमेशा कहा है कि दूसरा, तीसरा या शायद चौथा स्पेल खेल का वह हिस्सा है जिसका मैं सबसे अधिक आनंद लेता हूं। वहां आपको अपनी पूरी ताकत लगानी होती है और टीम के लिए कुछ हासिल करने की कोशिश करनी होती है। इसी कारण मैंने हमेशा इसका आनंद लिया है और आगे भी लेता रहूंगा। शायद यह सबसे अच्छा फॉर्मेट है। यहां दोबारा आकर अच्छा लग रहा है।”

पहले दिन नॉर्टजे के अलावा वियान मुल्डर और मार्को जानसन ने भी दो-दो विकेट हासिल किए। मुल्डर ने खतरनाक बल्लेबाज ट्रेविस हेड को आउट किया, जबकि जानसन ने निक मैडिंसन और स्टीव स्मिथ को पवेलियन भेजकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी पर दबाव बनाया। साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेहमान टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने दिन के अंतिम हिस्से में लौटे हुए अपनी स्थिति संभालने की कोशिश की। मैट रेनशॉ 102 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि कप्तान पैट कमिंस ने नाबाद 43 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए 63 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

इस तरह पहले दिन साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला, लेकिन रेनशॉ और कमिंस की साझेदारी ने मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।