नेपाल के गोरखा में कुदरत का कहर: भीषण बाढ़ से 35 घर और कई पुल बहे, भारी तबाही

सरिता त्रिपाठी
काठमांडू: हिमालयी देश नेपाल एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। नेपाल के ऐतिहासिक और पहाड़ी जिले गोरखा में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भयंकर बाढ़ का रूप ले लिया है। इस जलप्रलय ने इलाके में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 35 से अधिक पक्के और कच्चे घर पानी के तेज बहाव में पूरी तरह से बह गए हैं। इसके अलावा, कई अहम संपर्क पुलों के टूटने से दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर बह रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाओं ने स्थिति को और भी विकराल बना दिया है। नेपाल सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आपातकाल लागू कर दिया है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है, हालांकि खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है।
बाढ़ के कारण बेघर हुए सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों में ले जाया गया है, जहां उन्हें भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और अधिक बारिश होने की चेतावनी जारी की है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत जगह खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आपदा से नेपाल के बुनियादी ढांचे को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है।