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विकसित भारत के विज़न में तमिलनाडु का बड़ा योगदान: प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई में ₹13,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

राघवेंद्र प्रताप सिंह

चेन्नई/नई दिल्ली:
दक्षिण भारत के औद्योगिक और आर्थिक पावरहाउस तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे को एक नया और आधुनिक विस्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चेन्नई में ₹13,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। तमिलनाडु के राज्यपाल श्री राजेंद्र आर्लेकर, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री सी. जोसेफ विजय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह ने ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) और बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure Development) के एक नए अध्याय की शुरुआत की है।

सड़क, रेल और बंदरगाह कनेक्टिविटी को मिलेगी अभूतपूर्व गति


इस विशाल पैकेज में शामिल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने वाली हैं। प्रधानमंत्री ने लगभग ₹3,700 करोड़ की लागत वाले राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यों की सौगात दी, जिससे राज्य के प्रमुख व्यावसायिक शहरों के बीच परिवहन सुगम होगा। इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तमिलनाडु के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। चेन्नई मेट्रो रेल के नए चरणों और परिवहन अवसंरचना के विकास से न केवल यातायात सुचारू होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बंदरगाहों का आधुनिकीकरण और वैश्विक परिवहन केंद्र का सपना
तमिलनाडु के तटीय महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने चेन्नई बंदरगाह, कामराजार बंदरगाह और वी. ओ. चिदंबरनार बंदरगाह (तूतीकोरिन) पर पूरे हो चुके विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के बाद तमिलनाडु के बंदरगाह दुनिया के ‘अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर जहाजों’ (Ultra-Large Container Vessels) की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह सक्षम हो जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बंदरगाहों की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार हुआ है और जहाजों के टर्नअराउंड टाइम (Turnaround Time) में भारी कमी आई है, जिससे भारत का व्यापार तेजी से वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है।

ब्लू इकोनॉमी और मछुआरा समुदायों का सशक्तीकरण
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत की ओशन इकोनॉमी (Ocean Economy) में मछुआरों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से तमिलनाडु के तटीय जिलों के लिए हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है।

  • चेन्नई फिशिंग हार्बर का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
  • आधुनिक कोल्ड चेन सुविधाओं और फिशिंग लैंडिंग सेंटर्स का विकास हो रहा है।
  • मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से बिना किसी बाधा के कार्यशील पूंजी (Working Capital) दी जा रही है।
    प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि देश का सी-फूड एक्सपोर्ट मात्रा और मूल्य दोनों के लिहाज से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिसने तटीय समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है।

विरासत और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय
तमिलनाडु के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक ताकत से प्रेरणा लेकर वैज्ञानिक प्रगति की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। चेन्नई में सी-वीड पार्क (Seaweed Park) विकसित करने जैसी अनूठी वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजनाएं राज्य को पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की राह पर ले जाएंगी। केंद्र सरकार राज्यों के विकास के माध्यम से ही देश के विकास के अपने संकल्प को दोहराती है और ₹13,000 करोड़ का यह निवेश तमिलनाडु के भविष्य की आकांक्षाओं को उड़ान देने की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगा।