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अहमदाबाद गरबा में बड़ा विवाद: मंच से गैर-हिंदुओं को बाहर जाने का एलान, गायक आदित्य गढ़वी ने जताई कड़ी असहमति

शारदीय नवरात्रि के दौरान अहमदाबाद के ‘रंग मोरला’ गरबा कार्यक्रम में मंच से गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों को मैदान छोड़ने की घोषणा किए जाने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे मशहूर लोक गायक आदित्य गढ़वी ने इस एलान से खुद को अलग करते हुए कहा कि गरबा ने कभी किसी का उपनाम नहीं पूछा

विवेक ओझा

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में शारदीय नवरात्रि 2026 उत्सव के दौरान आयोजित एक हाई-प्रोफाइल गरबा कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों को वहां से बाहर चले जाने का एलान किए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंच से की गई इस विवादित घोषणा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई है। इस भव्य कार्यक्रम में गुजरात के मशहूर लोक गायक आदित्य गढ़वी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। हालांकि, विवाद बढ़ने और आलोचना होने के बाद गायक आदित्य गढ़वी ने इस घोषणा से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए इस पर अपनी कड़ी असहमति जताई है।

यह पूरा घटनाक्रम बुधवार को अहमदाबाद के शेला रोड स्थित सवन्ना पार्टी प्लॉट में आयोजित ‘रंग मोरला’ गरबा कार्यक्रम के दौरान सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कार्यक्रम के प्रस्तोता (एंकर) और रेडियो जॉकी आकाश त्रिवेदी को मंच से यह घोषणा करते हुए सुना जा सकता है कि मैदान में मौजूद किसी भी गैर-हिंदू और मुसलमान से विनम्र अनुरोध है कि वे तुरंत कार्यक्रम स्थल से बाहर चले जाएं। मंच से यह भी कहा गया कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) यहां सनातन धर्म की रक्षा के लिए आई है। इसके साथ ही, मैदान में ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी देने के लिए मंच से एक हेल्पलाइन नंबर की भी घोषणा की गई।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोक गायक आदित्य गढ़वी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक विस्तृत बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। गढ़वी ने साफ तौर पर कहा कि मंच से की गई यह घोषणा उनके व्यक्तिगत विचारों को नहीं दर्शाती है और न ही इसमें उनकी या उनकी टीम की कोई भूमिका थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के समूह ने एक ऐसी घोषणा करने के लिए उनके मंच का इस्तेमाल किया, जिसका वह कभी समर्थन नहीं करेंगे। गढ़वी ने भावुक होते हुए लिखा कि गरबा ने कभी किसी से उसका उपनाम (सरनेम) नहीं पूछा है। गुजरात और देश भर में पीढ़ियों से अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ मिलकर गरबा खेलते आए हैं और यही इस उत्सव की सबसे बड़ी खूबसूरती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मां दुर्गा के प्रति प्रेम, श्रद्धा और सम्मान के साथ आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है, क्योंकि उनका मंच केवल संगीत और भक्ति के लिए है, किसी राजनीति के लिए नहीं। वहीं, एंकर आकाश त्रिवेदी ने भी