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मुंबई में मार्को रूबियो और जयशंकर के बीच होगी बातचीत, राहुल गांधी के आरोपों के बाद विदेश मंत्रालय ने किया स्पष्ट

विवेक ओझा

नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपनी भारत यात्रा के दौरान 20 अक्टूबर, 2026 को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि की है। MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि 19 और 20 अक्टूबर को जयशंकर मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी भी करेंगे।

रूबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान की यात्रा पर रहेंगे। भारत दौरे के दौरान वे मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां वे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा करना और ऊर्जा सहयोग को बढ़ाना है। रूबियो अमेरिकी दूतावास में ‘फ्रीडम 250’ कार्यक्रम में भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

राहुल गांधी के आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री की मुंबई में प्रस्तावित बैठक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मिस्टर रूबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी भ्रमित हैं कि आखिर क्या हो रहा है। आप इसे समझाना चाहेंगे। जब तक कि आप नहीं चाहते कि मैं समझाऊं।” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान को “असाधारण” बताया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जयशंकर रूबियो के साथ मुंबई में शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण
राहुल गांधी के आरोपों के बाद विदेश मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिल्ली के बाहर आयोजित करना पिछले एक दशक से चली आ रही परंपरा है। प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, “पिछले एक दशक से हम विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिल्ली के बाहर विभिन्न शहरों में आयोजित करते रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन के प्रधानमंत्री की मेजबानी वडोदरा में, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की अहमदाबाद में और मॉरिशस के प्रधानमंत्री की वाराणसी में की थी।” उन्होंने गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक और केवडिया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री के साथ हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया।

MEA ने बताया कि जयशंकर और रूबियो के बीच यह बैठक भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा करने और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी। एजेंडे में ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां, और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम शामिल होने की उम्मीद है।