रोहित शर्मा व यशस्वी जायसवाल के शतक से मजबूत हुई भारत की पकड़
डोमिनिका टेस्ट में कप्तान रोहित शर्मा और युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के शतक से भारत ने अपनी पकड़ मजबूत की। उसने मैच के दूसरे दिन खेल समाप्त होने के समय पहली पारी में दो विकेट पर 312 रन बना लिए हैं। भारतीय टीम के पास 162 रन की बढ़त हो गई है। यशस्वी जायसवाल 143 और पूर्व कप्तान विराट 36 रन बनाकर नाबाद हैं।
मैच के दूसरे दिन टीम इंडिया पहली पारी में अपने पहले दिन के स्कोर बिना किसी नुकसान के 80 रन से आगे खेलने उतरी। यशस्वी ने शतक लगाकर कई रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिए। रोहित शर्मा ने पिछली कुछ पारियों की निराशा को पीछे छोड़ा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर टेस्ट में लगाए गए शतक के बाद एक बड़ी पारी खेली।
तीसरे दिन यशस्वी अपनी इस पारी को दोहरे शतक में बदलने के लिए उतरेंगे। वहीं, कोहली एक बड़ी खेलना चाहेंगे। दोनों ने पहले विकेट के लिए 229 रन की पार्टनरशिप की। यह भारत के टेस्ट में इतिहास पहली बार हुआ कि टीम इंडिया ने बिना विकेट गंवाए पहली पारी में विपक्षी टीम के खिलाफ बढ़त हासिल की।

वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 150 रन बनाए थे। रोहित ने अपने करियर का 10वां शतक लगाया। वह शतक लगाने के बाद पवेलियन लौट गए। रोहित ने 221 गेंद पर 103 रन बनाए। इस दौरान 10 चौके और दो छक्के लगाए। एलिक एथनेज ने रोहित को आउट किया। उनके बाद बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरे शुभमन गिल कुछ खास नहीं कर सके और छह रन बनाकर वॉरिकन का शिकार बन गए।
गिल ने यशस्वी को अपनी जगह दी और खुद तीसरे नंबर पर उतरे। उनका यह फैसला फिलहाल पहली पारी में तो गलत साबित हुआ है। रोहित और शुभमन के आउट होने के बाद यशस्वी को पूर्व कप्तान विराट का साथ मिला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 205 गेंद पर 72 रन की पार्टनरशिप की है। यशस्वी ने नाबाद 143 रन की पारी में 350 गेंदों का सामना किया है।
कोहली ने 96 गेंद पर नाबाद 36 रन बनाए। यशस्वी के बल्ले से 14 चौके निकले हैं। कोहली ने एक चौका लगाया। यशस्वी डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले भारत के 17वें बल्लेबाज हैं। उनसे पहले पिछली बार डेब्यू टेस्ट में श्रेयस अय्यर ने भारत के लिए शतक लगाया था। उन्होंने 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में 105 रन बनाए थे।
भारत के लिए डेब्यू टेस्ट में शतक मारने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी लाला अमरनाथ थे। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 1933 में 118 रन बनाए थे। यशस्वी की बात करें तो वह डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले भारत के तीसरे ओपनर हैं। शिखर धवन ने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली और पृथ्वी शॉ ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ राजकोट में ऐसा किया था।
यशस्वी विदेशी जमीन पर डेब्यू करते हुए पहले ही टेस्ट में शतक लगाकर इतिहास रच दिया। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय ओपनर हैं। इतना ही नहीं वह वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू करते हुए शतक मारने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। रोहित शर्मा ने 2013 में कोलकाता में 177 रन बनाए थे। पृथ्वी शॉ ने राजकोट में 2013 में 134 रन बनाए थे।
बता दें कि यशस्वी जायसवाल से पहले भारत के लिए टेस्ट डेब्यू में शतक लगाने वाले प्लेयर्स में लाला अमरनाथ, दीपक शोधन, एजी कृपाल सिंह, अब्बास अली बेग, हनुमंत सिंह, गुंडप्पा विश्वनाथ, सुरिंदर अमरनाथ, मोहम्मद अजहरुद्दीन, प्रवीण आमरे, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, सुरेश रैना, शिखर धवन, रोहित शर्मा, पृथ्वी शॉ, श्रेयस अय्यर का नाम शामिल है।
गांगुली ने 1996 में लॉर्ड्स के मैदान पर यह कारनामा किया था, अमरनाथ ने ऑकलैंड में ऐसा कमाल किया था। अमरनाथ ने 1976 में ऐसा किया था। इसके बाद सुरेश रैना ने कोलंबो में 2010 में यह कारनामा किया था।
आसिफ अली बेग ने 1959 में मैनचेस्टर में यह कारनामा किया था और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज थे। सहवाग ने 2001 में दक्षिण अफ्रीका में यह कमाल किया था, प्रवीण आमरे ने 1992 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ा था।