विंबलडन : लगातार दूसरी बार ओन्स जेब्युर ने फाइनल में बनाई जगह
विंबलडन: ओन्स जेब्युर ने विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में पहला सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए एरिना सबालेंका को मात देकर इस टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में जगह बना ली है। ट्यूनीशिया की जेब्युर ने सेमीफाइनल में सबालेंका को 6-7, 6-4, 6-3 से हराया। जेब्युर ने पिछले पांच ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में तीन बार फाइनल में जगह बनाई है।
जेब्युर ने अभी तक अपने दोनों ग्रैंडस्लैम फाइनल गंवाए हैं। पिछले वर्ष जुलाई में ऑल इंग्लैंड क्लब पर उन्हें एलेना रिबाकिना ने हराया था, पिछले साल ही सितंबर में अमेरिकी ओपन में वह इगा स्वियातेक से हार गईं थी। छठी वरीय जेब्युर ने पहला सेट गंवाने के बाद वापसी करते हुए अंतिम 13 गेम में से 10 जीतकर फाइनल में जगह बनाई।

ऑस्ट्रेलियाई ओपन विजेता सबालेंका ने इस हार के साथ स्वियातेक को पछाड़कर नंबर एक खिलाड़ी बनने का मौका भी गंवा दिया। सबालेंका की इस साल ग्रैंडस्लैम में यह सिर्फ दूसरी हार है जबकि उन्होंने 17 मैच जीते हैं। 25 साल की यह खिलाड़ी पहले ही ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह बनाने वाली अरब देशों और उत्तर अफ्रीका की पहली और एकमात्र महिला खिलाड़ी बन चुकी है।
फाइनल में जेब्युर की भिड़ंत मार्केटा वोंद्रोसोवा से होगी। वोंद्रोसोवा 1963 में बिली जीन किंग के बाद विंबलडन के महिला फाइनल में जगह बनाने वाली पहली गैरवरीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने एलिना स्वितोलिना को सीधे सेट में 6-3, 6-3 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। इस हार के साथ ही 9 महीने पहले मां बनीं स्वितोलिना का सफर टूर्नामेंट में समाप्त हो गया।
भारत के रोहन बोपन्ना और उनके ऑस्ट्रेलियाई जोड़ीदार मैथ्यू एबडेन को सेमीफाइनल में नीदरलैंड के वेस्ले कूलहोफ और ग्रेट ब्रिटेन के नील स्कूपस्क की शीर्ष वरीय जोड़ी से सीधे सेटों में हारकर विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष युगल से बाहर हो गए। बोपन्ना और एबडेन की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी को एक घंटे 26 मिनट तक चले मैच में 5-7, 4-6 से हारे।
बोपन्ना अभी 43 साल के हैं और वह ओपन युग में एकल, युगल और मिश्रित युगल में सबसे उम्रदराज ग्रैंडस्लैम चैंपियन बनने से चूक गए। बोपन्ना और 35 वर्षीय एबडेन ने क्वार्टर फाइनल में एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए नीदरलैंड के टालोन ग्रिक्सपुर और बार्ट स्टीवंस को 6-7(3) 7-5 6-2 से हराया था।
बोपन्ना इस वर्ष के शुरू में सानिया मिर्जा के साथ ऑस्ट्रेलियाई ओपन के मिश्रित युगल के फाइनल में पहुंचे थे। उन्होंने एबडेन के साथ मिलकर पुरुष युगल के दो एटीपी खिताब भी जीते हैं। वह 2015 के बाद पहली बार और कुल तीसरी बार विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचे थे।