दलीप ट्रॉफी : 14वीं बार साउथ जोन विजेता, वेस्ट जोन हारी
दलीप ट्रॉफी का फाइनल साउथ जोन ने 75 रन से जीता। वेस्ट जोन को जीत के लिए 298 रनों का लक्ष्य मिला था, उनकी पूरी टीम 222 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। वेस्ट जोन के कप्तान प्रियांक पंचाल (95) को छोड़कर और कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। मैच की पहली पारी में साउथ जोन सिर्फ 213 रन बना पाई।
हनुमा विहारी ने सबसे अधिक 63 रन बनाए। जवाब में वेस्ट जोन की पारी 146 रन पर ही खत्म हो गई। पृथ्वी शॉ ने (65) रन बनाए। विधाथ कावेरप्पा ने साउथ जोन के लिए 7 विकेट झटके। साउथ जोन ने दूसरी पारी में 230 रन बनाए और वेस्ट जोन को 298 रन का लक्ष्य दिया। वासुकि कौशिक और साई किशोर ने दूसरी पारी में 4-4 विकेट लिए।

साउथ जोन ने 14वीं बार दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। वेस्ट जोन की पहली पारी में कावेरप्पा ने 2.80 की बेहद किफायती इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की और 19 ओवर में केवल 53 रन खर्च करते हुए 5 मेडन ओवर के साथ 7 विकेट झटके। फर्स्ट क्लास करियर का यह एक पारी में किया गया अभी तक का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इससे पूर्व उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/28 का था। कावेरप्पा अपने फर्स्ट क्लास करियर में अब तक लगभग 19 की औसत से 48 विकेट ले चुके हैं। वेस्ट जोन के स्पिन गेंदबाज धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने साउथ जोन के खिलाफ दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी की और 5 विकेट झटके। उन्होंने 22.1 ओवर गेंदबाजी की और 6 मेडन ओवर देते हुए 40 रन खर्च किए और 5 विकेट लिए।
जडेजा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 76 मैच खेले हैं और 28 की औसत से 307 विकेट लिए हैं। उन्होंने 18 बार 5 विकेट हॉल अपने नाम किया है। वेस्ट जोन की दूसरी पारी में पंचाल ने अकेले संघर्ष किया। उन्होंने 45.02 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 211 गेंदों में 95 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने 11 चौके भी मारे।
पंचाल दुर्भाग्यशाली रहे और अपने फर्स्ट क्लास करियर का 27वां शतक जमाने से चूक गए। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने फर्स्ट क्लास करियर में 8,000 रन भी पूरे किए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 314 रन रहा है।