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फीफा महिला विश्वकप : जापान को मात देकर स्वीडन सेमीफाइनल में


ऑकलैंड। फीफा महिला विश्वकप के एकतरफा क्वार्टर फाइनल में स्वीडन ने पूर्व विश्व विजेता जापान को 2-1 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। प्री-क्वार्टरफाइनल में मौजूदा विजेता अमेरिका को पछाड़ने के बाद स्वीडन पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर आई।

स्टिना ब्लैकस्टेनियस ने पहले हाफ में यूरोपीय टीम के लिये खेल की पहली वास्तविक शुरुआत की, उनकी कोशिश गोल से चूक गयी। स्वीडन को कुछ ही क्षण बाद सफलता मिली और डिफेंडर इलेस्टेड ने पेनल्टी-बॉक्स में कुछ क्षणों के संघर्ष के बाद टूर्नामेंट में अपना चौथा गोल किया।

ईडन पार्क पर हुए दूसरे क्वार्टरफाइनल में अमांडा इलेस्टेड (32वां मिनट) और फिलिपा एंजलडेल (51वां मिनट) के गोलों से स्वीडन ने 2-0 की मज़बूत बढ़त ली। होनोका हयाशी ने 87वें मिनट में जापान का खाता खोला, इससे केवल एशियाई टीम की हार का अंतर ही कम हो सका। सेमीफाइनल में स्वीडन का मैच स्पेन से होगा।

स्वीडन हाफ टाइम से पहले इस बढ़त को दोगुना कर सकता था, अयाका यामाशिता ने कोसोवरे असलानी के कॉर्नर को रोककर यह खतरा टाल दिया। हाफ टाइम के छह मिनट बाद जापान के बॉक्स में एक डिफेंडर के हाथ में गेंद लगने के कारण स्वीडन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। एंजलडेल ने इस बार पेनल्टी को गोल में बदलकर स्वीडन की बढ़त दोगुनी कर दी।

जापान को वापसी की दो अवसर मिले। मैच के 76वें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर रिको यूकी का प्रयास क्रॉसबार से लगकर छिटक गया, कुछ देर बाद मिली फ्री-किक पर आओबा फुजीनो भी गोल नहीं कर सकीं। हयाशी ने निर्धारित समय खत्म होने से तीन मिनट पहले फील्ड गोल किया लेकिन वह जापान को जीत दिलाने के लिये नाकाफी रहा।

जापान के कोच फुटोशी इकेडा ने हार के बाद बोला, “जब हमने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की, तो वे पीछे हटे या अपने कद का इस्तेमाल किया। हम उनके मजबूत पक्ष जानते थे, हम हमला करने के लिये और ज्यादा समय चाहते थे। हमने दूसरे हाफ में लड़ने की भावना दिखाई और एक गोल किया। मुझे हार न मानने और अंत तक लड़ने के लिये खिलाड़ियों पर गर्व है।

सलमा के गोल से सेमीफाइनल में पहुंची स्पेन

वेलिंगटन। सलमा पैरालुएलो के निर्णायक गोल से स्पेन ने अतिरिक्त समय में फीफा महिला विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में नीदरलैंड को 2-1 से मात देकर पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। टूर्नामेंट के पहले क्वार्टरफाइनल में स्पेन और नीदरलैंड के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद थी, स्पेन ने 80 मिनट तक मैच पर दबदबा बनाकर रखा।

स्पेन ने नीदरलैंड के अर्द्ध में गलतियां न करता तो पहले हाफ में ही मजबूत बढ़त ले सकता था। निर्धारित समय खत्म होने से 10 मिनट पहले वैन डर ग्रैट का हाथ गेंद से लगने के कारण स्पेन को अपना पहला गोल करने का अवसर मिला। काल्डेंटी ने इस मौके का फायदा उठाया और पेनल्टी को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।

वेलिंगटन रीजनल स्टेडियम पर हुए इस मैच में मारियोना काल्डेंटी ने 81वें मिनट में पेनल्टी पर स्पेन का पहला गोल किया, स्टेफनी वैन डर ग्रैट (90+1वां मिनट) ने नीदरलैंड के लिये गोल जमाकर मैच को अतिरिक्त समय में पहुंचाया। अंततः, सलमा ने 111वें मिनट में फील्ड गोल दागकर स्पेन को सेमीफाइनल में पहुंचाया, जहां उसका मैच स्वीडन से होगा।

वैन डर ग्रैट ने इसके बाद सेंटर बैक की जगह फॉरवर्ड पंक्ति में जगह ली और जल्द ही अपनी गलती को सुधारते हुए नीदरलैंड के लिये स्कोर बराबर किया। स्टॉपेज टाइम में वैन डर ग्रैट के गोल के कारण नीदरलैंड को एक जीवनदान मिला, सलमा स्पेन को एक बार फिर बढ़त दिलाने में सफल रहीं।

नीदरलैंड ने अतिरिक्त समय में अधिक आत्मविश्वास दिखाया और लिनेथ बीरेन्स्टेन की बदौलत कई मौके भी बनाये। बढ़त हासिल करने की कोशिश में नीदरलैंड का डिफेंस कमज़ोर पड़ गया और सलमा ने बाईं ओर से डच गोल की तरफ जगह बनाते हुए निर्णायक गोल किया।

स्पेन के कोच जॉर्ज विल्डा ने बोला, “आप हमेशा ऐसे पल का सपना देखते है। हम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचे है। हम दुनिया की चार सर्वश्रेष्ठ टीमों में से है, लेकिन हम रुकने वाले नहीं। आज, हम ज़रूर जश्न मनाएंगे, लेकिन कल हम सेमीफाइनल की तैयारी करेंगे क्योंकि हम फाइनल खेलना चाहते है।

नीदरलैंड के कोच एंड्रीस जोंकर ने बोला, “स्पेन ने हम पर काफी दबाव डाला, हमने संघर्ष किया। हमारे पास आज जीत हासिल करने के लिये अतिरिक्त समय में दो बेहतरीन अवसर थे। मेरी भावनाएं मिली-जुली है। मैं बहुत निराश हूं कि हम जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन मुझे अपनी टीम पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है। हम बेहतर बनना चाहते है। हम सर्वश्रेष्ठ बनना चाहते है।