विश्व चैंपियनशिप में एचएस प्रणय को कांस्य से करना पड़ा संतोष
कोपनहेगन : बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में भारत के शीर्ष पुरुष एकल शटलर एचएस प्रणय ने थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न के हाथों हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष किया।
रोमांचक क्वार्टरफाइनल में गत विश्व विजेता विक्टर एक्सलसन को मात देकर आये प्रणय ने शुरुआती मिनटों में लय हासिल करने के बाद तेज़ी से 9-5 की बढ़त ली।
इसके बाद उन्होंने वितिदसर्न से नेट पर दो गलतियां करवाते हुए छह पॉइंट की बढ़त के साथ ब्रेक में प्रवेश किया। मैच में प्रणय की शुरुआत अच्छी रही, विश्व नंबर तीन वितिदसर्न ने वापसी करते हुए एक घंटे 16 मिनट में चले मैच को 18-21, 21-13, 21-14 से जीता।

इस हार के बावजूद प्रणय विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला पदक जीतकर स्वदेश लौटेंगे। भारत ने 2011 के बाद से विश्व चैंपियनशिप के सभी संस्करणों में कम से कम एक पदक जीता है और इस वर्ष प्रणय ने इस प्रथा को जिन्दा रखा।
ब्रेक के बाद प्रणय 16-8 के स्कोर पर जीत की तरफ बढ़ रहे थे, वितिदसर्न कोर्ट की गहराई का बेहतर प्रयोग कर स्कोर को 17-19 तक ले आये।
प्रणय ने अपने प्रतिद्वंदी को नेट के क़रीब खेलने के लिए मजबूर करते हुए 20-18 पर मैच पॉइंट हासिल किया, वितिदसर्न नेट पर गलती कर पहला गेम गंवा बैठे।
पिछले वर्ष के उपविजेता वितिदसर्न ने दूसरे गेम में बेहतर चौकसी दिखाई और 7-7 की बराबरी के बाद लगातार पांच अंक अर्जित किए।
वह लंबी रैलियों में प्रणय पर दबाव बनाकर अंक चुराने में सफल रहे। प्रणय ने 13-15 के स्कोर पर वापसी की कोशिश की, वितिदसर्न ने लगातार छह अंक अर्जित कर मैच को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।
तीसरे गेम में वितिदसर्न अपने भारतीय प्रतिद्वंदी पर पूरी तरह हावी रहे। ब्रेक में 11-7 की बढ़त के साथ प्रवेश करने वाले वितिदसर्न ने कई मौकों पर ज़ोरदार स्मैश खेलकर प्रणय के लिये चुनौती पेश की।
भारतीय खिलाड़ी ने कई मौकों पर वापसी का अंदेशा दिया, वितिदसर्न ने नियमित रूप से अंक बटोरते हुए 20-14 पर मैच पॉइंट अर्जित कर जीत दर्ज की।