एशियाई खेल : भारत के बलराज पंवार रोइंग के फाइनल में, मेडल जीतने के करीब
भारत के बलराज पंवार ने एशियाई खेल की रोइंग स्पर्धा में पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल ए के लिए क्वालीफाई किया। भारत की पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम, पुरुषों की लाइटवेट डबल स्कल्स श्रेणी, पुरुष डबल स्कल्स, कॉक्स्ड आठ, कॉक्सलेस पेयर्स, पुरुष कॉक्सलेस चार और महिला कॉक्सलेस चार और कॉक्स्ड आठ सभी ने रोइंग स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बना ली है।

24 वर्षीय पंवार सेमीफाइनल एफ ए/बी2 में 7:22:22 के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे और इस तरह से उन्होंने पदक की दौड़ में जगह बनाई। रोइंग में कई फाइनल्स होते है, फाइनल ए में शीर्ष तीन में रहने वाले खिलाड़ी पदक हासिल करते है।
भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम की शानदार शुरुआत, सिंगापुर को दी मात
एशियाई खेल में भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। भारत ने सिंगापुर के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज की। भारत की अयहिका मुखर्जी, मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला ने जीत हासिल की।
पहले गेम में बढ़त लेने के बावजूद अयहिका को सिंगापुर की जियान जेंग के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में उन्हें 11-7, 2-11, 7-11, 10-12 से हार मिली। महिला टीम स्पर्धा का पहला मैच जीतने के बाद सिंगापुर को 1-0 की बढ़त हासिल हुई।
अयहिका शुरुआती बढ़त लेने के बाद अगले दो गेम में हार गई। चौथे गेम में उन्होंने कड़ा संघर्ष किया और तीन मैच प्वाइंट बचाए।

मनिका पहले ही भारत की जीत को पक्का कर सकती थी अगर वह जेंग जियान के खिलाफ मैच जीत जाती। अयहिका ने निर्णायक मैच में आगे में जंगयी झोउ को मात देकर भारत को जीत दिलाई।
स्टार खिलाड़ी मनिका ने दूसरे मैच में जंगयी झोउ को हराकर भारत को बराबरी पर ला दिया। उन्होंने अपनी सिंगापुर की प्रतिद्वंद्वी (3-1) को 35 मिनट तक चले मैच में 11-9, 9-11, 11-7, 11-3 से हराया।
उन्होंने शानदार शुरुआत की और थोड़े से संघर्ष के बाद पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मनिका ने संयम नहीं खोया और अगले दोनों गेम जीतकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
अकुला ने शानदार खेल दिखाते हुए शिन रु वोंग के खिलाफ जीत दर्ज की। काफी संघर्ष करने के बाद भी वह पहला गेम हार गईं। उन्होंने हिम्मत नहीं खोई और दूसरा गेम जीतते हुए शानदार वापसी की। वोंग ने तीसरा गेम जीतते हुए फिर पलटवार किया।
अकुला फिर वापसी करने में सफल हुईं और उन्होंने चौथा और पांचवां गेम जीतकर भारत को सिंगापुर पर 3-1 की बढ़त दिलाई। मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन ने अपनी योग्यता का उत्कृष्ठ नमूना पेश किया।
शानदार लय में चल रही मनिका दुर्भाग्य से अपने दूसरे मैच में लड़खड़ा गई और जेंग जियान से हार गईं। उन्होंने पहले गेम में हार के साथ शुरुआत की। दूसरा गेम जीतने हुए उन्होंने वापसी की। जियान ने तीसरा गेम जीता और मनिका ने चौथा गेम जीतकर अपनी प्रतिभा दिखाई।
मनिका निर्णायक गेम का फायदा उठाने में असफल रही और जियान से हार गई। मनिका को 3-11, 11-3, 10-12, 12-10, 10-12 से हार का सामना करना पड़ा।
अयहिका अपना पहला मैच हार गई थी, उन्होंने अपने दूसरे मैच में जंगयी झोउ के खिलाफ जीत दर्ज की। उन्होंने पहले दो गेम दमदार अंदाज में जीतते हुए अपना आत्मविश्वास फिर से हासिल किया। हालांकि, उन्हें तीसरे गेम में हार का सामना करना पड़ा।
इस निराशा को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने चौथा गेम जीतकर भारत के लिए मैच 3-2 से जीत लिया। अयहिका ने यह मैच 11-7, 11-8, 9-11, 11-5 से अपने पक्ष में मोड़ा।