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वैशाली व विदित ने फिडे ग्रैंड स्विस खिताब के साथ हासिल किया कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का टिकट

आर वैशाली और विदित गुजराती ने भारत को दोहरी सफलता दिलाते हुए फिडे ग्रैंड स्विस शतरंज टूर्नामेंट में महिला और ओपन वर्ग के खिताब जीते तथा प्रतिष्ठित कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर लिया।

पीएम मोदी ने लिखा, “यह गर्व का क्षण है क्योंकि भारत ने फाइड ग्रैंड स्विस ओपन में शीर्ष स्थान हासिल किया है.
उन्होंने कहा, वैशाली रमेशबाबू और विदित गुजराती को उनकी उत्कृष्ट जीत के लिए और टोरंटो में होने वाले प्रतिष्ठित 2024 कैंडिडेट्स में अपना स्थान पक्का करने के लिए बधाई.

यह शतरंज में भारतीय कौशल का एक और उदाहरण है. भारत वास्तव में उत्साहित है. रविवार की रात को वैशाली ने 11वें और अंतिम राउंड में मंगोलिया की बटखुयाग मुंगुटुउल के साथ बाजी ड्रॉ कराई

विदित ने र्सिबया की एलेक्जेंडर प्रेडके को मात देकर टूर्नामेंट में अपनी सातवीं जीत हासिल की और ओपन वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया। वैशाली और विदित दोनों ने 8.5 अंक बनाए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से आधा अंक के अंतर से खिताब जीते।

@narendramodi

अगले वर्ष अप्रैल में कनाडा में खेले जाने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने के अलावा वैशाली को 25000 अमेरिकी डॉलर (20 लाख रुपये से अधिक), विदित को 80000 अमेरिकी डॉलर (66 लाख रुपये से अधिक) का पुरस्कार मिला।

महिला वर्ग में दूसरा स्थान यूक्रेन की अन्ना मुज्यचुक को मिला जिन्होंने स्वीडन की अनुभवी ग्रैंडमास्टर पिया क्रैलिंगसे ड्रॉ खेला।कैंडिडेट्स में जगह बनाने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी तान झोंग्यी थीं जो यहां तीसरे स्थान पर रहीं। मुज्यचुक विश्व महिला कप से पहले ही क्वालीफाई कर चुकी थी। ओपन वर्ग में हिकारू नाकामुरा ने भारत के अर्जुन एरिगैसी के साथ बाजी ड्रॉ खेली।

भारतीय खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में अजेय रहा, उन्हें चौथे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। वैशाली ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी है।

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनके अलावा भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी के भी हिस्सा लेने की संभावना है। हंपी अपनी ऊंची रेटिंग की वजह से इस टूर्नामेंट में जगह बना सकती है, इसकी औपचारिक घोषणा जनवरी 2024 में होगी।

वैशाली भारतीय शतरंज की नई स्टार हैं। उनकी निगाह यहां स्वर्ण पदक जीतने पर टिकी थी। ग्रैंड मास्टर की उपाधि हासिल करने के लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। डी हरिका 2011 में महिला वर्ग से भारत की दूसरी ग्रैंडमास्टर बनी थी।