भारतीय महिला क्रिकेटरों की ऐतिहासिक जीत, टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 347 रन से हराया
दीप्ति शर्मा (67 रन, 9 विकेट) के शानदार प्रदर्शन से नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारत ने एकमात्र टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 347 रनों से जीत दर्ज की। दीप्ति के सामने इंग्लैंड टीम टिक नहीं पाई। उन्होंने मैच में 9 विकेट निकालने के साथ-साथ एक दमदार अर्धशतक भी जड़ा। भारत के लिए ये बड़ी जीत नहीं, बल्कि कई मायनों में ऐतिहासिक भी है, क्योंकि इंग्लैंड टीम टेस्ट क्रिकेट में अपनी सरजमीं पर पहली बार भारत ने हराया है।
इंग्लैंड के सामने मैच के तीसरे दिन 479 रन का लक्ष्य था, टीम को पहला झटका 7वें ओवर की आखिरी गेंद पर लगा। दूसरी पारी में जैसे ही इंग्लैंड का पहला विकेट गिरा तो फिर विकेटों का पतझड़ शुरू हो गया।

भारतीय स्पिनर हावी हो गए। शुरुआत से ही विकेट से टर्न मिला, जिसका फायदा दीप्ति शर्मा और पूजा वस्त्राकर ने उठाया। 6 विकेटों में 3 विकेट पूजा वस्त्राकर, 2 विकेट दीप्ति शर्मा और एक विकेट रेणुका ठाकुर को मिला। भारत को सातवां विकेट राजेश्वरी गायकवाड़ ने दिलाया। उन्होंने सोफी एक्लस्टोन को क्लीन बोल्ड कर दिया। इस मैच में हमें कई अर्धशतक देखने को मिले हैं, एक भी शतकीय पारी किसे बल्लेबाज के बल्ले से नहीं आई है।
8वीं सफलता भारत को दीप्ति शर्मा ने दिलाई, जो उनकी मैच की आठवीं विकेट दी। दीप्ति ने लॉरेन फिलर को भी आउट किया। भारत के लिए आखिरी सफलता राजेश्वरी गायकवाड़ ने हासिल की। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। हालांकि, शुरुआत में ये फैसला सही साबित नहीं लग रहा था, क्योंकि टीम के 2 विकेट 47 रन पर गिर गए थे।
साझेदारियों का दौर शुरू हुआ और भारत ने पहली पारी में 428 रन बनाए। भारत की ओर से 69 रन शुभा सतीश, 68 रन जेमिमा रॉड्रिग्स, 67 रन दीप्ति शर्मा और 66 रन यास्तिका भाटिया ने बनाए। इंग्लैंड की तरफ से 3-3 विकेट सोफी एक्लस्टोन और लॉरेन बेल ने चटकाए।
इंग्लैंड टीम पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो महज 136 रन बनाकर ढेर हो गई। नैट साइवर ब्रंट ने 59 रनों की पारी खेली। उनके अलावा कोई अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। भारत के लिए 5 विकेट दीप्ति शर्मा ने निकाले और 2 सफलताएं स्नेह राणा को मिलीं।
टीम इंडिया ने 292 रन की बढ़त के बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजी की और 7 विकेट खोकर 186 रन बनाकर पारी को घोषित कर दिया। इस तरह इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 479 रन का लक्ष्य था और टीम के पास तीन दिन इसे हासिल करने के लिए थे, टीम के बल्लेबाजों ने निराश किया।