विजयवीर सिद्धू का चांदी पर निशाना, निशानेबाजी में भारत को 17वां ओलंपिक कोटा
भारत के विजयवीर सिद्धू ने जकार्ता में एशिया ओलंपिक क्वालीफायर की पुरुष 25 मीटर रैपिड फायर स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को 17वां पेरिस ओलंपिक कोटा दिलाया।
इस तरह वह 25 मीटर रैपिड फायर में पेरिस ओलंपिक कोटा दिलाकर सीनियर साथी अनीश भानवाला के साथ आ गए। अनीश ने पिछले वर्ष कोरिया के चांगवान में एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर इस स्पर्धा का ओलंपिक कोटा हासिल किया था।

पिछले साल हांगझोउ एशियाई खेल में टीम कांस्य पदक विजेता 21 वर्षीय विजयवीर को कोटा हासिल करने के लिए पदक जीतने का इंतजार नहीं करना पड़ा। उन्होंने 577 के स्कोर से चौथे स्थान से फाइनल में क्वालीफाई करते ही कोटा हासिल किया था। फाइनल में पहुंचने वाले छह में से चार निशानेबाजों को कोटा स्थान मिलना तय था।
चंडीगढ़ के विजयवीर ने एलिमिनेशन राउंड में 28 का निशाना लगाते ही रजत पदक जीतकर शान से कोटा प्राप्त किया। वह कजाखस्तान के निकिता चिरयुकिन से पीछे रहे जिन्होंने 32 के शॉट से स्वर्ण पदक जीता। भारत के लिए रैपिड फायर पिस्टल मजबूत स्पर्धा होती है जिसमें विजय कुमार ने 2012 लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था।
अनीश टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने के मजबूत दावेदार दिख रहे थे, वह नई दिल्ली में 2021 में आईएसएसएफ विश्व कप में ऐसा करने से चूक गए थे। अगर विजयवीर और अनीश दोनों को पेरिस ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है तो रैपिड फायर निशानेबाजी में इस तरह का मौका पहली बार होगा।
भारत ने जकार्ता में चार पेरिस ओलंपिक कोटे हासिल कर लिए हैं। विजयवीर के अलावा ईशा सिंह ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा, वरूण तोमर ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा और रिदम सांगवान ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पेरिस कोटा प्राप्त किया।