भारतीय कुश्ती महासंघ की वापसी, कुश्ती की एडहॉक कमेटी भंग
कुश्ती की एडहॉक कमेटी को इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने भंग कर दिया। भारतीय कुश्ती महासंघ को फुल कंट्रोल मिल गया है। आईओए ने पिछले साल निलंबित भारतीय कुश्ती महासंघ का काम देखने के लिए इस कमेटी को बनाया था।
आईओए ने यह फैसला तदर्थ समिति द्वारा सफलतापूर्वक सेलेक्शन ट्रायल्स कराने और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के निलंबन हटाने के बाद लिया है। आईओए ने इस संबंध में पत्र लिखा है।

पत्र के अनुसार, एडहॉक कमेटी को भंग करने का फैसला यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के भारतीय कुश्ती महासंघ पर लगे बैन को हटाने और आईओए द्वारा नियुक्त एडहॉक कमेटी द्वारा सेलेक्शन ट्रायल्स के सफल समापन के मद्देनजर हुआ है।
एडहॉक कमेटी के माध्यम से डब्ल्यूएफआई का काम देखने की कोई आवश्यकता नहीं है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू के निर्देश के अनुसार, डब्ल्यूएफआई को जल्द से जल्द सेफगार्डिंग कमेटी का गठना करना होगा ताकि खिलाड़ियों की चिंताओं को दूर हो सके।
आईओए ने साथ ही डब्ल्यूएफआई को एथलीट कमिशन के चुनाव भी तय समय सीमा में कराने के लिए कहा है। बताते चले कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने 13 फरवरी को भारतीय कुश्ती संघ पर लगा बैन हटाया था।
यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने पिछले साल 23 अगस्त को भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता को निलंबित कर दिया था क्योंकि उसने चुनाव नहीं कराए थे। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने बयान में कहा था कि भारतीय कुश्ती महासंघ को अपने एथलीट कमीशन के चुनाव दोबारा कराने होंगे।
इस कमीशन के लिए उम्मीदवार सक्रिय एथलीट होंगे या चार साल से अधिक समय से रिटायर नहीं होंगे। वोटर एथलीट होने चाहिए। ये चुनाव 1 जुलाई से पहले पहले ट्रायल या किसी सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के दौरान कराए जा सकते हैं।
यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कहा कि महासंघ को जल्द ही यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग को लिखित गारंटी देनी होगी कि सभी पहलवानों को बिना किसी भेदभाव के डब्ल्यूएफआई के इवेंट्स में विशेष रूप से ओलंपिक गेम्स और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भाग लेने के लिए अनुमति होगी।