क्वाड वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली। भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान चार देशों के ‘क्वाड’ गठबंधन ने शुक्रवार को एक बार फिर मुक्त, खोले और समावेशी भारत-प्रशांत के लिए मिलकर काम करने और सामूहिक खतरों का सामना करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापानी विदेशमंत्री योशिमासा हयाशी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मैरिस पायने ने आज मेलबर्न में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया।
इसके बाद चारों नेताओं ने संयुक्त पत्रकार वार्ता को भी संबोधित किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि क्वाड गठबंधन किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि चारों देशों का मानना है कि उनके आपसी सहयोग से दुनिया बहुत बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम एक सकारात्मक एजेंडे को आकार देने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हैं और क्वाड को वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत बनाना चाहते हैं। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी कह चुके हैं।
मेलबर्न में विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि म्यांमार में चल रहे लोकतांत्रिक परिवर्तन पर हम सभी सहमत हैं और यह तथ्य कि यह एक अलग दिशा में बढ़ रहा है, हम सभी को चिंता में डालता है, और हम सभी म्यांमार में आसियान प्रयासों का समर्थन करते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध, रणनीतिक साझेदारी और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के चलते एक जीवन सहयोग है। चारों देश मिलकर स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद प्रशांत के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए एक एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हम मिलकर शांति और स्थायित्व तथा हिंद-प्रशांत में आर्थिक समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
वहीं आस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मैरिस पायने ने कहा कि देशों की संप्रभुता की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों का क्वाड समर्थन करता है।