पेरिस पैरालंपिक : पुरुष डिस्कस थ्रो- एफ56 स्पर्धा में योगेश कथुनिया की चांदी
भारत के योगेश कथुनिया ने पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की डिस्कस थ्रो- एफ56 स्पर्धा में रजत पदक जीता। मई में विश्व पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एफ56 श्रेणी में रजत पदक जीतने वाले कथुनिया ने 42.22 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया और रजत जीता, ब्राजील के क्लॉडनी बतिस्ता डॉस सैंटोस ने 46.86 मीटर के रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस स्पर्धा का कांस्य पदक कोंस्टैंटिनोस त्ज़ोनिस ने जीता, जिन्होंने 41.32 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। कथुनिया ने अपने पहले ही प्रयास में रजत पदक जीता और इसके बाद क्रमश: 41.50 मीटर, 41.55 मीटर, 40.33 मीटर, 40.89 मीटर और 39.68 मीटर की दूरी तक थ्रो किया।
इस एथलीट ने टोक्यो 2020 में 44.38 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक जीता था। पेरिस 2023 पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। 2017 में कॉलेज दिनों में उन्होंने डिस्कस थ्रो की ट्रेनिंग शुरू की थी और इसके बाद से ही वह लगातार इस गेम में भारत के लिए मेडल जीत रहे हैं।
कथुनिया का रजत पदक पेरिस पैरा खेल में भारत का आठवां और एथलेटिक्स में चौथा पदक है। निषाद ने पुरुषों की हाई जंप टी47 में रजत और प्रीति पाल ने 100 मीटर और 200 मीटर टी35 वर्ग स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते थे।
भारत के लिए अन्य चार पदक पैरा शूटिंग में जीते गए। अवनि और मोना अग्रवाल ने एसएच1 वर्ग में 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक जीता। मनीष नरवाल (पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1) और रुबीना फ्रांसिस (महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीता।