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दिल्ली वायु प्रदूषण / कब तक घुटेगी दिल्ली? 10 इलाकों में AQI 400 के पार

बीएस राय/ दिल्ली वायु प्रदूषण: दिल्ली और उसके एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) इलाकों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। गुरुवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। कई जगहों पर स्थिति और भी खराब है।

दरअसल, आनंद विहार, अशोक विहार, बवाना, मुंडका और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो काफी चिंता का विषय है।

खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कई आपातकालीन कदम उठाए हैं। स्कूल-कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी गई है। सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कृत्रिम बारिश कराने की योजना पर विचार करना शुरू कर दिया है। इससे हवा में मौजूद हानिकारक कणों को साफ करने में मदद मिल सकती है।

वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया गया है। पहले GRAP-1 लागू किया गया था, लेकिन जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो GRAP-4 के सख्त उपाय किए गए। इन कदमों के तहत निर्माण कार्य रोकना, वाहनों की संख्या सीमित करना और औद्योगिक गतिविधियों को नियंत्रित करने जैसे उपाय किए जा रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली पुलिस ने ई-कॉमर्स वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पटाखों की ऑनलाइन बिक्री तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है।

गुरुवार सुबह कई इलाकों में AQI बेहद खतरनाक स्तर पर रहा। कुछ प्रमुख इलाकों का AQI इस प्रकार है। आनंद विहार: 409, अशोक विहार: 418, जहांगीरपुरी: 439, बवाना: 423, मुंडका: 419, पंजाबी बाग: 411 तक पहुंच गया।

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण कार्य, पराली जलाना और सर्दियों के मौसम में हवा की कम गति शामिल हैं। इसे दूर करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:

सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे वायु प्रदूषण को कम करने में सहयोग करें। गैर-जरूरी वाहनों का उपयोग सीमित करें, पैदल या साइकिल चलाने को बढ़ावा दें और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। सरकार के नीतिगत उपायों के साथ-साथ नागरिकों के सक्रिय सहयोग से ही इस स्थिति में सुधार हो सकता है। जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक सावधानी बरतना और घर के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।