कानपुर में आईएसआई से लिंक के संदेह में पकंड़ा गया युवक, जांच में जुटी एजेंसियां

बीएस राय। उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते के अधिकारियों ने कानपुर आयुध निर्माणी के एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के एजेंटों को गोपनीय दस्तावेज साझा किए थे। बुधवार को कानपुर से गिरफ्तारी की गई।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले गुरुवार को फिरोजाबाद के हजरतपुर आयुध निर्माणी में कार्यरत रवींद्र कुमार को उत्तर प्रदेश एटीएस ने कथित पाकिस्तानी एजेंट नेहा शर्मा के साथ साजिश रचने और आयुध निर्माणी की गोपनीय और महत्वपूर्ण संवेदनशील जानकारी/दस्तावेज साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आगे की जांच के दौरान, उत्तर प्रदेश एटीएस को खुफिया जानकारी मिली कि कानपुर आयुध निर्माणी में कार्यरत कुमार विकास भी कथित पाकिस्तानी एजेंट नेहा शर्मा से जुड़ा हुआ था और उसे व्हाट्सएप पर आयुध निर्माणी की गोपनीय जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध करा रहा था।
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा उक्त खुफिया सूचना की गहन जांच एवं अभियुक्तों से पूछताछ के पश्चात ज्ञात हुआ कि कानपुर देहात के थाना सट्टी अन्तर्गत ग्राम शाहजहांपुर निवासी (वर्तमान में सी-131 न्यू हाईवे सिटी, नारामऊ थाना बिठूर, जिला कानपुर नगर में रह रहे) कानपुर आयुध निर्माणी में जूनियर वर्क्स मैनेजर के पद पर तैनात कुमार विकास जनवरी 2025 में फेसबुक के माध्यम से कथित पाकिस्तानी एजेंट नेहा शर्मा के सम्पर्क में आया था।
नेहा शर्मा (छद्म नाम) ने भारत हैवी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीएचईएल) में कार्यरत होने का दावा किया तथा व्हाट्सएप मैसेंजर पर बातचीत के माध्यम से मोबाइल नम्बर साझा किये। कुमार विकास ने नेहा शर्मा से गोपनीय तरीके से बात करने के लिए लूडो एप का प्रयोग किया।
कथित एजेंट के कहने पर धन के लालच में कुमार विकास ने आयुध निर्माणी के निर्मित किये जा रहे उपकरण एवं गोला-बारूद से सम्बन्धित दस्तावेज, कानपुर इकाई के कर्मचारियों की उपस्थिति पत्रक, आयुध निर्माणी कानपुर के अन्दर की मशीनें तथा आयुध निर्माणी कानपुर के उत्पादन से सम्बन्धित चार्ट आदि के फोटोग्राफ्स एवं महत्वपूर्ण गोपनीय सूचनाएं नेहा शर्मा को भेजी।
एटीएस अधिकारियों ने दावा किया कि कुमार विकास द्वारा कथित पाकिस्तानी एजेंट नेहा शर्मा के साथ सूचना साझा करना आपराधिक साजिश के अंतर्गत आता है, जिसका उपयोग भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है और देश में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
उपरोक्त के मद्देनजर, लखनऊ के एटीएस थाने में एफआईआर संख्या 02/2025 धारा-148 बीएनएस और 3/4/5 आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम पंजीकृत किया गया है और आरोपी को बुधवार को कानपुर से गिरफ्तार किया गया है।