मणिपुर में शांति बहाल करने की प्रक्रिया को लेकर कानून मंत्री मेघवाल ने कही ये बड़ी बात

बीएस राय। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मणिपुर में शांति बहाल करने की प्रक्रिया में प्रगति हुई है और आगे भी इस दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। वे मणिपुर उच्च न्यायालय की स्थापना की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “हमने शांति बहाल करने की प्रक्रिया में प्रगति की है और आगे भी इस दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद संसद के दोनों सदनों में इस मामले पर चर्चा की गई और शांति बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया गया। केंद्र सरकार राज्य में जल्द ही शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं मणिपुर में चल रही शांति प्रक्रिया में तेजी के लिए प्रार्थना करता हूं ताकि राज्य प्रगति कर सके और विकसित भारत में योगदान दे सके।” इस कार्यक्रम में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भी मौजूद थे।
दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास पर कथित रूप से भारी मात्रा में नकदी मिलने के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट मामले की जांच कर रहा है…समिति की रिपोर्ट आने दीजिए…उसके बाद हम बात करेंगे।”
न्यायमूर्ति बी आर गवई के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर के दो दिवसीय दौरे पर है। शनिवार को उन्होंने राहत शिविरों का दौरा किया और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों से बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल ने चूड़ाचांदपुर जिले के लामका में मिनी सचिवालय से एक कानूनी सेवा शिविर, एक चिकित्सा शिविर और एक कानूनी सहायता क्लिनिक का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
न्यायमूर्ति गवई ने लोगों से मणिपुर में शांति वापस लाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया और उम्मीद जताई कि पूर्वोत्तर राज्य में “चल रहा कठिन दौर” कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की सहायता से जल्द ही खत्म हो जाएगा।
मई 2023 से इम्फाल घाटी स्थित मैतेई और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।