सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की अहम बैठक, पर्व एवं त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर दिए ये निर्देश

बीएस राय। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व एवं त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन के सम्बन्ध में तथा प्रदेश सरकार के 08 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सभी जनपदों में 03 दिवसीय ’जनपदीय विकास उत्सव’ आयोजित किए जाने के सम्बन्ध में शासन, जिला, रेंज, जोन व मण्डल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में चैत्र नवरात्रि, रामनवमी, ईद, बैसाखी आदि महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार आने वाले हैं। विगत 08 वर्षों में प्रदेश में सभी धर्म-सम्प्रदायों के पर्व-त्योहारों के आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुए हैं। इस क्रम को आगे भी बनाये रखना होगा। परम्परा के विरुद्ध कोई भी कार्य न किया जाए। अराजकता फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

पर्वों-त्योहारों के दौरान अनेक स्थानों पर शोभा यात्राएं निकलेंगी और मेले आदि लगेंगे। उल्लास और उमंग के इन विशेष पर्वों पर कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। अतः हमें सतत सतर्क-सावधान रहना होगा। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। पर्वों-त्योहारों में शासन द्वारा सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

योगी ने कहा कि श्रीरामनवमी पर अयोध्या और चैत्र नवरात्रि के मौके पर माँ विंध्यवासिनी धाम, देवीपाटन धाम, सहारनपुर में माँ शाकुम्भरी धाम व जनपद सीतापुर में बड़ी संख्या में लोग आएंगे। सभी जनपदों के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की सम्भावना है। इन महत्वपूर्ण पर्वों के आयोजन को सुशासन और सुव्यवस्था का उदाहरण बनाया जाना चाहिए। भीड़ प्रबंधन व पार्किंग के लिए बेहतर प्लानिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण स्थलों पर आकर्षक साज-सज्जा की जानी चाहिए। तेज गर्मी के बीच लोगों की सुविधा के लिए पेयजल की व्यवस्था, छाजन, मैट आदि की अच्छी व्यवस्था हो। देवी स्थलों पर महिला पुलिस कार्मिकों की विशेष तैनाती की जाए। पर्व-त्योहार के मौके पर स्वास्थ्य सहित सभी तरह की आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखा जाए। सभी एम्बुलेंस अलर्ट मोड में हों।

अलविदा की नमाज़ के मौके पर विशेष सतर्कता बरती जाए। ईद के अवसर पर साफ-सफाई, स्वच्छता व पेयजल की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। धार्मिक कृत्यों से सड़क मार्ग बाधित न हां। संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पुलिस की फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा पी0आर0वी0 112 एक्टिव रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मण्डल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठितजन के साथ संवाद बनाएं। समय से पीस कमेटी की बैठक कर ली जाएं। शांति और सौहार्द के लिए मीडिया का सहयोग लें। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। सोशल मीडिया को लेकर अलर्ट रहें। त्वरित कार्यवाही और संवाद-सम्पर्क अप्रिय घटनाओं को सम्भालने में सहायक होते हैं। छोटी सी अफवाह माहौल को बिगाड़ सकती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहना होगा। गो-तस्करी और अन्य संबंधित अपराध से जुड़े संदिग्ध लोगों पर नजर रखें।

योगी ने कहा कि टेम्पो, ई-रिक्शा चालकों का प्राथमिकता के साथ वेरीफिकेशन कराया जाए। नाबालिग वाहन न चलाएं। किरायेदारों का भी वेरीफिकेशन कराया जाए। महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ओवरलोडिंग को जीरो प्वाइंट पर ही रोका जाए। इसके लिए जनपदों में गठित टास्क फोर्स में परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाए।