दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता अधिकारियों को दिया 100 दिन की कार्ययोजना बनाने का निर्देश

बीएस राय। पारदर्शिता, जवाबदेही सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को अगले 100 दिन, छह महीने और नौ महीने के लिए अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया। सभी विभागाध्यक्षों की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को विस्तृत कार्य चार्ट में संरचित किया जाना चाहिए, जिसमें समीक्षा के लिए मुख्य सचिव को लगातार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया वास्तविक समय की निगरानी और त्वरित निर्णय लेने को सुनिश्चित करेगी। बैठक में जन कल्याणकारी योजनाओं, बजटीय आवंटन, बुनियादी ढांचे के विकास और शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और जल आपूर्ति जैसे प्रमुख क्षेत्रों के कार्यान्वयन की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दिल्ली की सीएम ने सभी विभागों को अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हों। उन्होंने एक व्यवस्थित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया, अधिकारियों को कार्य चार्ट तैयार करने और मुख्य सचिव को नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। विभागों को लोक शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक उत्तरदायी और प्रभावी बनाने का भी निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना था।
दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा, “विभागों को जल आपूर्ति की कमी, जल निकासी और जलभराव, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सहित महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अस्पतालों में नैदानिक उपकरणों या दवाओं की कोई कमी न हो।”
आगे की जानकारी देते हुए, सीएम रेखा गुप्ता ने बेहतर सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “केवल योजनाओं की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है – प्रभावी कार्यान्वयन और जनता को लाभ पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है।”
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, दवा की उपलब्धता, जल समस्या, जलभराव, प्रदूषण, बुनियादी ढांचे का विकास, शासन और शिकायत निवारण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता ने इस सरकार पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, “अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने हर वादे को पूरा करें। अगर सभी विभाग मिलकर काम करें तो दिल्ली को एक आदर्श शहर बनाया जा सकता है।”